Ashes 2023, Eng vs Aus 2nd Test Day 3 Stumps: तीसरे दिन का खेल जल्द हुआ ख़त्म, ऑस्ट्रेलिया ने बनाई 221 रनों की बढ़त

एशेज सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया के साथ हो रही है. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जा रहा है. पहला टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने दो विकेट से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली हैं.दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. तीसरे दिन का खेल बारिश की वजह से जल्दी ख़त्म हो गया हैं. ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 2 विकेट खोकर बनाए 130 रन. ऑस्ट्रेलिया ने 221 रनों की बढ़त मेजबान इंग्लिश टीम पर बना ली है. उस्मान ख्वाजा 58 और स्टीव स्मिथ 6 रन बनाकर नाबाद हैं. इससे पहले इंग्लैंड की पहली पारी 325 रनों पर सिमट गई है. इस तरह पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया को 91 रनों की बढ़त मिली है. इंग्लैंड के लिए ओपनर बैन डकैट ने सबसे ज्यादा 98 रनों की पारी खेली. जबकि हैरी ब्रूक ने 50 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया के लिए तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके. जबकि जोश हेजलवुड और ट्रेविस हेड को 2-2 कामयाबी मिली. पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 100.4 ओवरों में 416 रन बनाकर सिमट गई थीं.

देश की खबरें | बरसात आते ही भाजपा के कथित विकास का सच सामने दिख गया है : अखिलेश

लखनऊ, 30 जून समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया कि बरसात आते ही भाजपा के कथित विकास का सच सामने दिख गया है और काशी को क्योटो बनाते-बनाते प्रधानमंत्री ने इसे इटली के वेनिस शहर में तब्दील कर दिया, जहां पानी ही पानी है।
पार्टी की ओर से जारी बयान के मुताबिक यादव ने कहा कि भाजपा राज में एक भी स्मार्ट सिटी तो बनी नहीं, भाजपा सरकार सिर्फ जुमले उछालकर स्मार्ट सिटी के नाम पर धोखा देती रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सड़कों पर सीवर का गंदा पानी बह रहा है। जगह-जगह काशी में जलभराव हो रहा है। सफाई व्यवस्था के नाम पर कीचड़ दिखाई दे रहा है। गड्ढ़ायुक्त सड़के दुर्घटना का कारण बन रही है। आवारा पशु छुट्टा घूम रहे हैं। सांड़ो के हमले से कई जानें जा चुकी है।’’
उन्‍होंने कहा कि ‘मां गंगा ने बुलाया है‘ का मंत्र जापकर्ताओं ने ‘नमामि गंगे योजना‘ में गंगा को नाला बनाकर रख दिया है।
वाराणसी से प्राप्‍त खबर के अनुसार नगर निगम के जनसम्पर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश को देखते हुए अपर नगर आयुक्त के देख रेख में हर जोन के लिए टीमें बनाई गई है। इस टीम में जलकल, स्वास्थ्य और सामान्य अभियंत्रण विभाग के लोग लगाएं गए हैं। लगातार हो रही बारिश से कहीं कहीं जल जमाव हो रहा है तो उसे तत्काल निकाला जा रहा है।
श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश को देखते है बड़े नालों की पहले ही सफाई कराया जा चुका है, जगह जगह पड़े सिल्ट को भी हटाने की व्यवस्था की जा रही है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

देश की खबरें | दिल्ली में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में गिरा ऑटोरिक्शा, चालक डूबा

नयी दिल्ली,30 जून उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में शुक्रवार को बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से एक ऑटोरिक्शा चालक की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, ऑटोरिक्शा दुर्घटनावश गड्ढे में गिर गया था।
पुलिस ने बताया कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा क्षेत्र में एक फ्लाईओवर के निर्माण के तहत एक खंभा स्थापित करने के लिए गड्ढा खोदा गया था। हालांकि, पिछले दो दिनों में राष्ट्रीय राजधानी में भारी बारिश के कारण बारिश का पानी गड्ढे में भर गया था।
पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान नंदनगरी निवासी अजीत शर्मा (51) के रूप में हुई है। पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी ने कहा कि वे घटना के तथ्यों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त जॉय तिर्की ने कहा कि अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे यह सूचना मिली कि वजीराबाद रोड पर सर्विस रोड के पास एक व्यक्ति गड्ढे में डूब रहा है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास खोदे गए उस गड्ढे में बारिश का पानी भर गया था।
तिर्की ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि व्यक्ति को गड्ढे की गहराई का एहसास नहीं हुआ और उसने उस पर गाड़ी चलाने की कोशिश की और दुर्घटनावश वह उसमें डूब गया।
पुलिस उपायुक्त ने कहा कि ऑटोरिक्शा गड्ढे में फंसा हुआ पाया गया और चालक का शव वाहन के अगले पहिये में फंसा हुआ पाया गया।
पुलिस ने बताया कि तिर्की के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया जाएगा, जबकि घटना की जांच जारी है।
भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव और यातायात जाम हो गया है, जिससे शहर भर में यात्रियों को असुविधा हो रही है।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शहर में जलभराव की स्थिति को लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा।
सचदेवा ने एक बयान में कहा कि दिल्ली सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार को हुई बारिश के बाद राष्ट्रीय राजधानी की ज्यादातर सड़कें जलमग्न हो गई हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली सरकार के सचिवालय के भूतल पर पानी भर गया, वहीं वजीराबाद के पास हर्ष विहार में सड़क किनारे गड्ढे में डूबने से एक ऑटो चालक की मौत हो गई।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

देश की खबरें | यूसीसी का मसौदा तैयार, उसे जल्द उत्तराखंड में लागू करेंगे : धामी

देहरादून, 30 जून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने के लिये बनाई गई समिति ने अपना कार्य पूरा कर लिया है और जल्द ही राज्य में इसे लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 12 फरवरी 2022 को (विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन) वादा किया था कि अगर हम सत्ता में दोबारा आए तो समान नागरिक संहिता लागू करेंगे।
यहां एक कार्यक्रम में धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने किसी राजनीतिक दल को लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का अवसर देकर इस बात पर अपनी मुहर लगाई। उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए जनता ने हमें जनादेश दिया और अब हम अपना किया वादा अब निभाने जा रहे हैं।’’
राज्य सरकार ने कानून का मसौदा तैयार करने के लिये सत्ता में आते ही विशेषज्ञों की एक समिति गठित की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति ने इस दौरान दो लाख से भी ज्यादा लोगों के सुझाव और विचार लिए।
उन्होंने कहा, ‘‘जैसे ही यह मसौदा मिलेगा, उसे हम देवभूमि उत्तराखंड में लागू करेंगे।’’ उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि इस दिशा में देश के अन्य राज्य भी आगे आएंगे।
इससे पहले, नयी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश और कानून का मसौदा तैयार करने वाली समिति की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई ने घोषणा की कि समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार है और उसे जल्द ही उत्तराखंड सरकार को सौंप दिया जाएगा।
देसाई ने कहा कि समिति ने सभी प्रकार की राय और चुनिंदा देशों के वैधानिक ढांचे सहित विभिन्न विधानों एवं असंहिताबद्ध कानूनों को ध्यान में रखते हुए मसौदा तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, समिति ने उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित विभिन्न पारंपरिक प्रथाओं की ‘‘बारीकियों’’ को समझने की कोशिश की है।
देसाई ने कहा, ‘‘मुझे आपको यह जानकारी देते हुए काफी प्रसन्नता हो रही है कि उत्तराखंड के लिए प्रस्तावित समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार हो गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रारूप संहिता के साथ समिति की रिपोर्ट जल्द ही प्रकाशित की जाएगी और उत्तराखंड सरकार को सौंप दी जाएगी।’’
राज्य सरकार ने मई में गठित समिति से उत्तराखंड के निवासियों के व्यक्तिगत दीवानी मामलों से जुड़े विभिन्न मौजूदा कानूनों पर गौर करने और विवाह, तलाक, संपत्ति के अधिकार, उत्तराधिकार, विरासत, गोद लेने और रखरखाव जैसे विषयों पर मसौदा कानून या कानून तैयार करने या मौजूदा कानूनों में बदलाव का सुझाव देने को कहा था।
देसाई ने मसौदे या समिति की रिपोर्ट का विवरण साझा करने से इनकार कर दिया और कहा कि इसे पहले राज्य सरकार को सौंपना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा जोर महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों को ध्यान में रखते हुए लैंगिक समानता सुनिश्चित करना है। हमने भेदभाव को खत्म कर सभी को एक समान स्तर पर लाने का प्रयास किया है।’’
देसाई ने कहा कि समिति ने मुस्लिम देशों सहित विभिन्न देशों में मौजूदा कानूनों का अध्ययन किया है, लेकिन उनके नाम साझा करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने विधि आयोग की रिपोर्ट का भी अध्ययन किया है। यदि आप हमारा मसौदा पढ़ेंगे तो आपको लगेगा कि समिति ने हर बिंदु पर विचार किया है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

देश की खबरें | दिल्ली में बारिश के कारण कई जगह जलजमाव और पेड़ गिरने की घटनाएं

नयी दिल्ली, 30 जून मानसून की बारिश ने शुक्रवार को दिल्ली को तरबतर कर दिया, जिसके चलते राजधानी में जगह जगह पानी भर गया और कई हिस्सों से पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आयीं। इससे लोगों को भारी असुविधा हुई।
राजधानी के आनंद निकेतन, हौज खास और ओखला समेत कई हिस्सों से पेड़ गिरने के समाचार मिले।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दिल्ली में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अनुसार नजफगढ़, रणहोला और करावल नगर सहित दिल्ली में पांच स्थानों पर जलभराव की सूचना मिली। दिल्ली की यातायात पुलिस ने भी यात्रियों को सावधान करने के लिए कुछ इलाकों में जलभराव के बारे में ट्वीट किया।
राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को आर्द्रता 100 से 74 प्रतिशत के बीच रही। मौसम विभाग कार्यालय ने दिल्ली में शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश का अनुमान जताया है जबकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 34 और 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि राजधानी में शनिवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है।
वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान अनुसंधान प्रणाली (सफर) के आंकड़ों के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 61 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है।
गौरतलब है कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

जरुरी जानकारी | चालू खरीफ सत्र में अब तक धान का रकबा 26 प्रतिशत घटा

नयी दिल्ली, 30 जून दक्षिण-पश्चिम मानसून की धीमी प्रगति के बीच चालू खरीफ सत्र में अब तक धान का रकबा 26 प्रतिशत घटकर 26.55 लाख हेक्टेयर रह गया है।
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल की समान अवधि में धान का रकबा 36.05 लाख हेक्टेयर था।
खरीफ की मुख्य फसल धान की बुवाई आम तौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ शुरू होती है। देश के कुल चावल उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत खरीफ सत्र में ही होता है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दालों का रकबा पिछले साल की समान अवधि के 18.51 लाख हेक्टेयर से थोड़ा कम 18.15 लाख हेक्टेयर है।
श्री-अन्न यानी मोटे अनाज का रकबा अब तक बढ़कर 36.23 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 22.41 लाख हेक्टेयर था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

जरुरी जानकारी | एयरलाइन कंपनियां कॉकपिट में अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश रोकें: डीजीसीए

नयी दिल्ली, 30 जून नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शुक्रवार को एयरलाइन कंपनियों को नियमों का पालन सख्ती से करने और पायलटों व चालक दल के अन्य सदस्यों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कॉकपिट में अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश नहीं हो।
डीजीसीए ने चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों का पालन नहीं करने पर, कॉकपिट में अनधिकृत प्रवेश के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीजीसीए का यह निर्देश हाल ही में सामने आए उन मामलों के संदर्भ में आया है, जिनमें उड़ान के दौरान विमान के कॉकपिट में अनधिकृत व्यक्तियों ने प्रवेश किया था।
नियामक ने एक परामर्श जारी करते हुए सभी एयरलाइन के परिचालन प्रमुखों को ‘उचित कदम उठाते हुए ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने’ के लिए कहा है।
डीजीसीए के सुरक्षा नियमों के अनुसार, कॉकपिट में अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश की अनुमति नहीं है।
नियामक ने परामर्श में कहा, “कॉकपिट में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश के मामले में हाल ही में रिपोर्ट किए गए हैं। ऐसे अनधिकृत व्यक्ति चालक दल के सदस्यों का ध्यान उनके काम से भटका सकते हैं, जिससे कोई विमान परिचालन से संबंधित कोई बड़ी गलती हो सकती है।”
तीन जून को टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया की चंडीगढ़-लेह उड़ान के दौरान प्रभारी पायलट ने उड़ान के दौरान एक अनधिकृत व्यक्ति को कॉकपिट में आने की अनुमति दे दी थी और वह व्यक्ति पूरी उड़ान के दौरान कॉकपिट में रहा।
इससे पहले 27 फरवरी को ऐसी ही एक घटना में एयर इंडिया की दिल्ली से दुबई जा रही उड़ान के दौरान पायलट ने अपनी महिला मित्र को कॉकपिट में आने की अनुमति दे दी थी।
डीजीसीए ने दिल्ली-दुबई उड़ान मामले में ‘उचित कार्रवाई नहीं करने के लिए’ एयर इंडिया पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। नियामक ने आरोपी पायलट का लाइसेंस भी तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया था और सहायक पायलट को चेतावनी दी थी।
वहीं चंडीगढ़-लेह उड़ान मामले में डीजीसीए ने प्रभारी पायलट का लाइसेंस एक साल के लिए निलंबित कर दिया था ‘प्रथम अधिकारी’ का लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर दिया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Amit Shah On Rahul Gandhi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पर साधा निशाना,कहा- अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो घोटाले, भ्रष्टाचार भारत की नियति बन जायेंगे

उदयपुर (राजस्थान): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो घोटाले और भ्रष्टाचार भारत की नियति बन जायेंगे और अगर नरेन्द्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनते हैं तो ‘धोखेबाज सलाखों के पीछे’ होंगे. शाह ने राजस्थान की कांग्रेस नीत सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर उसने पिछले साल उदयपुर में हुए कन्हैया लाल हत्याकांड में विशेष अदालत का गठन किया होता, तो आरोपियों को अब तक फांसी हो गई होती.

उन्होंने गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार पर भ्रष्टाचार में ‘नंबर वन’ होने का आरोप लगाया और लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया. शाह ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में सरकार बनाएगी और 2024 के लोकसभा चुनाव में 300 सीटों के साथ मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बनेंगे. New Delhi: अमित शाह ने राज्‍य आपदा मोचन निधि के तहत 19 राज्यों को 6,194.40 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी

उदयपुर में जनसभा में मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की पिछले नौ साल की उपलब्धियां गिनाते हुए शाह ने कहा कि ये नौ साल भारत के लिए कई मायने में परिवर्तनकारी रहे. रैली के बाद गृह मंत्री ने एक होटल में आदिवासी नेताओं और पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बातचीत भी की.

जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले संयुक्त रणनीति बनाने के लिए हाल में पटना में बैठक करने वाले विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘जो लोग वहां इकट्ठे हुए थे, वे भ्रष्टाचार में शामिल रहे हैं और लोगों का भला नहीं करना चाहते हैं, वे अपने-अपने बेटों का भविष्य तलाश रहे हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘सोनिया गांधी का लक्ष्य राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है, लालू यादव का लक्ष्य अपने बेटे तेजस्वी यादव को प्रधानमंत्री बनाना है, ममता बनर्जी का लक्ष्य अपने भतीजे अभिषेक को मुख्यमंत्री बनाना है और इसी तरह अशोक गहलोत अपने बेटे वैभव को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘राहुल बाबा अगर प्रधानमंत्री बनते हैं, तो ये घपले, घाटाले, भ्रष्टाचार भारत की नियति बन जायेगी और मोदी जी फिर से प्रधानमंत्री बनते हैं, तो भ्रष्टाचार करने वाले जेल की सलाखों के पीछे जायेंगे.’’

उन्होंने गहलोत नीत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार वोट बैंक की राजनीति कर रही है और उदयपुर के कन्हैया लाल हत्याकांड के दोषियों को सजा में देरी के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया.

उल्लेखनीय है कि उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की पिछले साल 28 जून को दो लोगों ने धारदार हथियार से हत्या कर दी थी. अपराधियों ने कथित तौर पर निलंबित भाजपा नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में सामग्री पोस्ट करने के बाद कन्हैयालाल पर इस्लाम का अपमान करने का आरोप लगाया था.

उन्होंने कहा, ‘‘इनको शर्म नहीं आती है… और मुझे कहते हैं कि क्या किया कन्हैयालाल में… अरे, आपको पहले शर्म आनी चाहिए… माताओं, भाइयों, बहनों बताओ… कन्हैयालाल को सुरक्षा किसने नहीं दी? मर गया तब तक किसकी पुलिस चुप रही… अरे, आप तो पकड़ना भी नहीं चाहते थे, एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) ने पकड़ा और झूठ मत बोलो गहलोत जी आरोपपत्र दायर नहीं हुआ है. मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि 22 दिसंबर 2022 को आरोपपत्र दायर हो चुका है, विशेष अदालत बनाने का काम आपका है… ताकि जल्द सजा दी जाये.’’

शाह ने आरोप लगाया कि राजस्थान में कांग्रेस के शासन में बहुसंख्यक समुदाय के लोगों का शोषण किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी ने पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) पर प्रतिबंध लगाया, लेकिन गहलोत के राज में कोटा में पीएफआई की रैली हुई. करौली में हिंदू उत्सव को रोका गया, संघ का पथ संचलन रोका गया, अलवर में 300 साल पुराना शिव मंदिर तोड़ दिया गया.’’

उन्होंने कहा, ‘‘आजादी के इतने वर्षों बाद भी वोट बैंक के लालच में संविधान को ताक पर रखकर यहां के बहुसंख्यकों के साथ अन्याय किया जा रहा है. ऐसा सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करने वाले ही कर सकते हैं. भाजपा वोट बैंक की राजनीति नहीं करती.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है. जयपुर में बम विस्फोट हुआ था… मैं उस वक्त गुजरात का गृहमंत्री था… वसुंधरा राजे यहां पर थीं… सबको पकड़ा, इनके एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता) को फुर्सत ही नहीं है पैरवी करने की और सारे के सारे लोग छूट गये… 50 लोगों को मारने वाले दहशतगर्द… आतंकवादी आज निर्दोष छूट गये हैं.’’

शाह ने कहा कि मोदी के कार्यकाल के नौ साल पूरे होने पर भाजपा ने देशभर में ‘धन्यवाद यात्राएं’ शुरू की हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देश भर में यात्रा की है, जो समर्थन मैंने देखा है, उससे यह तय है कि मोदी 300 सीटों के साथ फिर से प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं.’’

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में जो सम्मान मोदी को मिल रहा है, वह मोदी या भाजपा का सम्मान नहीं है, यह देश की 130 करोड़ जनता का सम्मान है. शाह ने कहा, ‘‘2014 से पहले, मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान, पाकिस्तान से ‘आलिया-मालिया-जमालिया’ (आतंकवादी) भारत में घुसते थे और विस्फोट करते थे, लेकिन पाकिस्तान ने उरी और पुलवामा में गलतियां की, क्योंकि इस बार नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री थे और दस दिन के अंदर पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया और आतंकियों का सफाया कर दिया गया.’’

शाह ने गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और वोट बैंक की राजनीति कर रही है. उन्होंने दावा किया कि 19 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के बेटे ने परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अलग-अलग जिलों में महंगाई राहत शिविरों का दौरा करने पर टिप्पणी करते हुए शाह ने कहा कि इस उम्र में भी गहलोत इधर-उधर घूम रहे हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने जा रही है.

उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई इस रैली को वीडियो गहलोत को दिखा दे, तो उन्हें पता चल जाएगा कि उनकी सरकार जाने का समय आ गया है. 2023 और 2024 दोनों में पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनने जा रही है.’’

जनसभा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया समेत अन्य नेता मौजूद रहे. जनसभा को संबोधित करने के बाद शाह एक होटल पहुंचे, जहां उन्होंने आदिवासी नेताओं और पार्टी के पदाधिकारियों से बातचीत की और आदिवासी कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला.

उन्होंने कहा कि द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाया गया, जबकि पार्टी के कई अन्य नेता हैं जिन्हें ऊंचे पद दिये गये. उन्होंने कहा, ‘‘मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने गरीब आदिवासी परिवार की कन्या को राष्ट्रपति भवन पहुंचा कर देश के महामहिम पद पर आसीन किया. उन्होंने कहा कि जनजाति समाज से कई ऐसे वरिष्ठ राजनेता हैं, जिन्होंने भाजपा में कार्य किया और पार्टी ने उनको राज्यपाल पद पर सुशोभित किया.’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

विदेश की खबरें | नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड ने चावल के क्षेत्र में नेपाल को आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया

काठमांडू, 30 जून नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ ने शुक्रवार को राष्ट्र को चावल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का वादा किया और किसानों से इसका उत्पादन बढ़ाने के लिए जलवायु-अनुकूल तकनीकों का उपयोग करने का आग्रह किया।
यहां राष्ट्रीय धान दिवस के अवसर पर प्रचंड ने कहा कि उनके नेतृत्व वाली सरकार धान की खेती के लिए उचित सिंचाई सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘चावल उत्पादन बढ़ाने के लिए जलवायु, कृषि-अनुकूल तकनीक का उपयोग करें और यही इस वर्ष का राष्ट्रीय धान दिवस का नारा होगा।’’
प्रचंड ने कहा कि सरकार नेपाल को देश के मुख्य खाद्य पदार्थ चावल के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
कई अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की तरह चावल नेपाल की मुख्य फसल है। देश ने 2022-2023 में 724,000 मीट्रिक टन चावल का आयात किया, जबकि घरेलू उत्पादन 5,486,000 टन था, जो मांग को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है।
चूंकि इस वर्ष देश में मानसून की बारिश देर से हुई, इसलिए कुल कृषि योग्य भूमि के केवल 11 प्रतिशत हिस्से में धान की फसल लगाई गई।
प्रचंड ने कहा कि सरकार देश में किसानों की मदद के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और सब्सिडी को प्राथमिकता दे रही है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

जरुरी जानकारी | आयकर विभाग को कुछ बैंकों की एसएफटी रिपोर्ट में विसंगतियां मिलीं

नयी दिल्ली, 30 जून आयकर विभाग ने शुक्रवार को कहा कि उसे ऊंचे मूल्य वाले वित्तीय लेनदेन के संबंध में कुछ बैंकों की विशिष्ट वित्तीय लेनदेन विवरण (एसएफटी) रिपोर्ट में विसंगतियां मिली हैं।
एसएफटी के तहत बैंकों को वर्ष के दौरान उनके जरिए किए कुछ वित्तीय लेनदेन या किसी बताने योग्य खाते का ब्यौरा देना जरूरी है। किसी वित्त वर्ष के लिए एसएफटी दाखिल करने की अंतिम तारीख अगले वित्त वर्ष की 31 मई होती है।
कर अधिकारियों के समक्ष एसएफटी रिटर्न दाखिल करना विदेशी मुद्रा डीलर, बैंक, उप-रजिस्ट्रार, एनबीएफसी, डाकघर, बांड/ऋणपत्र जारीकर्ता, म्यूचुअल फंड ट्रस्टी, लाभांश का भुगतान करने या शेयर वापस खरीदने वाली कंपनी के लिए जरूरी है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि हाल ही में विभाग ने एसएफटी रिटर्न के मुद्दों के संबंध में तमिलनाडु स्थित ”प्रमुख बैंक” का ”सत्यापन” किया।
सीबीडीटी ने कहा, ”हाल के दिनों में विभाग ने उत्तराखंड में दो सहकारी बैंकों पर सत्यापन भी किया गया था और बैंकों द्वारा नहीं बताए गए कुछ हजार करोड़ से अधिक के लेनदेन की पहचान की थी।”
तमिलनाडु स्थित बैंक के संबंध में सीबीडीटी ने कहा, ”सत्यापन के दौरान, कई विसंगतियां पाई गईं।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)