देश की खबरें | उप्र बोर्ड में 10वीं कक्षा में 99.55 प्रतिशत, 12वीं कक्षा में 97.88 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण

प्रयागराज/लखनऊ, 31 जुलाई उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (उप्र बोर्ड) ने शनिवार को हाईस्कूल (10वीं कक्षा) और इंटरमीडिएट (12वीं कक्षा) के परिणाम घोषित किए। उप्र बोर्ड के मुताबिक, हाईस्कूल में 99.55 प्रतिशत जबकि इंटरमीडिएट में 97.88 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुये।
बोर्ड द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, वर्ष 2021 की हाईस्कूल की परीक्षा के लिए 29,96,031 विद्यार्थियों और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 26,10,247 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इसके मुताबिक, फरवरी, 2021 में इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं करा ली गईं, लेकिन कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण पैदा हुई असाधारण परिस्थितियों की वजह से बोर्ड ने 2021 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं निरस्त करने का निर्णय किया।
हाईस्कूल की लिखित परीक्षा के अंकों की गणना के लिए कक्षा 9 की वार्षिक लिखित परीक्षा के प्राप्तांक और कक्षा 10 की प्री बोर्ड लिखित परीक्षा के प्राप्तांक को शामिल करते हुए परीक्षाफल तैयार किया गया। इसी तरह, इंटरमीडिएट की लिखित परीक्षा के अंकों की गणना के लिए प्रत्येक विद्यार्थी के कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांक, कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक और कक्षा 12 की प्री बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांक को शामिल कर परीक्षाफल तैयार किया गया। वर्ष 2021 की परीक्षा में मेरिट लिस्ट तैयार नहीं की गई है।
वहीं, एक सरकारी बयान के मुताबिक, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनय कुमार पांडेय ने शनिवार को बताया कि वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा में कुल 29,96,031 परीक्षार्थियों में से 29,82,055 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। परीक्षार्थियों में 16,76,916 छात्र तथा 13,19,115 छात्राएं शामिल रहीं, जिनमें से 16,68,868 छात्र तथा 13,13,187 छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं।
उन्होंने बताया कि छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.52 तथा छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.55 है। सम्पूर्ण परीक्षार्थियों में बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 0.03 अधिक रहा। 82,238 परीक्षार्थियों को सामान्य प्रोन्नति दी गयी है।
पांडेय ने बताया कि वर्ष 2021 की इण्टरमीडिएट परीक्षा में कुल 26,10,247 परीक्षार्थियों में से 25,54,813 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इण्टरमीडिएट का उत्तीर्ण प्रतिशत 97.88 है। इन परीक्षार्थियों में 14,74,317 बालक तथा 11,35,930 बालिकायें हैं, जिनमें से 14,37,033 बालक तथा 11,17,780 बालिकायें उत्तीर्ण हुई हैं। बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 97.47 तथा बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 98.40 है।
उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण परीक्षार्थियों में बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 0.93 अधिक है। 62,506 परीक्षार्थियों को सामान्य प्रोन्नति दी गयी है।

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देश की खबरें | असम के मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से मुलाकात कर सीमा विवाद पर चर्चा की

गुवाहाटी, 31 जुलाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को राज्यपाल जगदीश मुखी से मुलाकात कर राज्य और मिजोरम के बीच सीमा पर स्थिति और राज्य के विश्वविद्यालयों के संचालन समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
गत 26 जुलाई को पूर्वोत्तर के दो राज्यों असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच अंतर-राज्यीय सीमा पर हुई हिंसक झड़प में असम पुलिस को पांच जवानों और एक आम निवासी की मौत हो गई थी। इसके अलावा 50 से अधिक घायल हो गए थे।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सीमा पर तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा की ।
सरमा ने मुखी को यह भी बताया कि राज्य सरकार ने सीमा पर हुई हिंसा में मारे गए पुलिस जवानों के परिवार के सदस्यों को आर्थिक सहायता राशि के चेक वितरित कर दिये हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक के दौरान, उन्होंने विश्वविद्यालयों के कामकाज और उच्च शिक्षा की बदलती जरूरतों के लिहाज से विश्वविद्यालयों को अधिक उपयोगी और उत्तरदायी बनाने के लिए शुरू की जाने वाली पहलों पर भी चर्चा की।
इसमें कहा गया है कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राज्य में शैक्षणिक वातावरण को बदलने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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राज्य सरकार को हर साल केंद्र सरकार से बाघों के ​संरक्षण के लिए 4-5 करोड़ रुपये मिलते हैं, राज्य में 15 सालों से … – Latest Tweet by ANI Hindi News

UP: मछली पकड़ने के लिए मछुवारे ने रात में बिछाया जाल, सुबह रस्‍सी खींची तो फंसा म‍िला उसकी ही मां का शव, देखकर हुआ हैरान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ एक गांव में  रहने वाले एक मछुआरे ने मछली पकड़ने के लिए रात के समय नाले में जाल लगाया था. ताकि सुबह होने पर वह मछली पकड़ सके. लेकिन जब वह सुबह जाल में मछली फंसी है या नही देखने गया तो पाया कि उस जाल में कोई मछली नहीं, बल्कि उसकी मां का शव जाल में फंसा हैं. जिसे देखकर वह हैरान हो गया और इसकी सूचना उसने पुलिस को दी. घटना स्थल पर पहुंची पुलिस जाल से उसकी मां के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच में लग गई. फिलहाल अभी तक हत्या के पिछले कौन हैं. अभी तक पुलिस को इसके बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका है.

खबरों मुताबिक लखनऊ के मलिहाबाद थाने के रुसेना गांव के रहने वाले मछुआरे रामविलास अपनी माता रामकली और अपने परिवार के साथ साथ रहता है. गांव के बाहर ही खेत है जहां रामविलास की माता रामकली सब्जी की रखवाली के लिए रहती थीं. रामविलास खेत के पास स्थित बहते नाले में मछली पकड़ने का काम करता है. बताया जाता है कि घटना वाली रात रामविलास खेत जाकर मां को रात का खाना देने के बाद  पास के नाले में मछली पकड़ने के जाल लगाया था. इसके बाद वह अपने घर लौट गया. रामविलास सुबह जब खेत पहुंचा, तो वहां उसकी मां वहां नहीं थी. यह भी पढ़े: West Bengal: परिवार के चार सदस्यों की हत्या के बाद शवों को घर में दफनाने के आरोप में 19 साल का युवक गिरफ्तार

इस बीच वहां मां नहीं मिलने पर वह कुछ देर बाद नाले में लगाया जाल समेटने चला गया. जब वह जाल खींचने लगा तो वह बहुत भारी लगा. उसे लगा कि जाल में ज्याद मछली फंस आई हैं. लेकिन जब वह जाल धीरे- धीरे अपने पास खींचने लगा तो देखा कि उस जाल में कुछ मछलियों के साथ उसकी मां की शव उसमें फंसा हुआ है.

वहीं इस घटना को लेकर  लखनऊ ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को जानकारी देते हुए  बताया कि मलिहाबाद के रामविलास और उनके परिजनों ने शिकायत देकर अपनी मां के क़त्ल की आशंका जताई है. पुलिस उनके शिकायत पर मामले की जांच कर रही हैं. हत्या के पीछे कौन है इसका राज जल्द ही पता चल जाएगा.

देश की खबरें | अमरिंदर से सिंह ने मंत्रिमंडल में तत्काल फेरबदल से इनकार किया, कहा- सरकार ने 93% वादे पूरे किए

संगरूर (पंजाब), 31 जुलाई पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को तत्काल अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी सरकार पहले ही कांग्रेस नेतृत्व द्वारा दिए गए 18 सूत्री एजेंडे में से कई को लागू कर चुकी है।
सिंह ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार चुनाव के दौरान पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए 93 प्रतिशत वादों को पूरा कर चुकी है।
उल्लेखनीय है कि पार्टी की राज्य इकाई में गुटबाजी को खत्म करने के लिए हुए फेरबदल के बाद अमरिंदर सरकार के मंत्रिमंडल में भी फेरबदल की संभावना को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। पार्टी नेतृत्व ने पिछले महीने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले, मादक पदार्थ और बिजली खरीद समझौते सहित 18 मुद्दों पर कदम उठाने को कहा था।
नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब में कांग्रेस इकाई का अध्यक्ष नियुक्त करने के बाद ‘ सत्ता के दो केंद्र’ बनने के सवाल पर मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि सरकार और पार्टी दो अलग-अलग इकाई है और उनकी भूमिका परिभाषित है एवं वे दोनों मिलकर अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए काम करेंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘इस समय पार्टी की स्थिति ठीक है और चुनाव तक इस स्थिति को और मजबूत किया जाएगा।’’ अमरिंदर सिंह यहां पर महान क्रांतिकारी उधम सिंह के 82वें शहीदी दिवस पर उन्हें समर्पित स्मारक का लोकार्पण करने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक अमरिंदर सिंह ने अपने मंत्रिमंडल में तत्काल फेरबदल की संभावना से इनकार किया है। लेकिन कहा है कि वह अपने दिल्ली दौरे के दौरान निश्चित तौर पर पार्टी नेतृत्व से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
खड़गे समिति द्वारा दिए 18सूत्री एजेंडे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में ‘कुछ भ्रम’ की स्थिति है क्योंकि उनकी सरकार पहले ही इस एजेंडे के कई बिंदुओं को लागू कर चुकी है और बाकी पर काम जल्द पूरा हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडगे को उनके साथ हुई बैठक में इन मुद्दों से अवगत करा दिया है।
उल्लेखनीय है कि पंजाब में कांग्रेस इकाई के नवनियुक्त अध्यक्ष सिद्धू अपनी बैठकों में इस 18 सूत्री एजेंडे का मुद्दा उठा रहे हैं और कह रहे कि इन्हें लागू किया जाएगा।
विज्ञप्ति के मुताबिक आगामी विधानसाभा चुनाव के खाका के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पहले ही 93 प्रतिशत अपने चुनावी वादों को पूरा कर चुकी है और जल्द 95 प्रतिशत तक वादों को पूरा कर देगी।

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आज शाम सांबा के घगवाल और चछवाल इलाके में स्थानीय लोगों ने दो ड्रोन देखे। … – Latest Tweet by ANI Hindi News

देश की खबरें | गुजरात में कोविड-19 के 27 नये मामले सामने आये, 35 और मरीज ठीक हुए

अहमदाबाद, 31 जुलाई गुजरात में शनिवार को कोविड-19 के 27 नये मामले सामने आये जिससे राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 8,24,877 हो गई। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।
अधिकारी ने बताया कि मृतक संख्या 10,076 पर अपरिवर्तित रही क्योंकि दिन के दौरान किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई जबकि 35 और मरीजों के संक्रमण मुक्त होने से राज्य में अभी तक ठीक हुए मरीजों की संख्या बढ़कर 8,14,549 हो गई। उन्होंने कहा कि राज्य में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 252 है, जिसमें छह गंभीर मरीज शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि राज्य में 19 जुलाई के बाद से कोरोना वायरस से किसी की मरीज की मौत की सूचना नहीं है। अधिकारी ने बताया कि अहमदाबाद में 10 नये मामले सामने आए, जबकि वडोदरा में तीन नये मामले सामने आए।
पड़ोसी दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव में शनिवार को कोविड-19 के छह मामले सामने आये जिससे वहां संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 10,622 हो गई। वहीं छह मरीज संक्रमण मुक्त हुए।
वहीं मुंबई से प्राप्त खबर के अनुसार महाराष्ट्र में कोविड-19 के 6,959 नये मामले सामने आये जबकि 225 और मरीजों की संक्रमण से मौत हो गई। वहीं 7,467 और मरीज संक्रमण से ठीक हो गए। यह जानकारी एक स्वास्थ्य अधिकारी ने दी।
स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 के 6,959 नये मामले सामने आने से राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 63,03,715 हो गई जबकि मृतक संख्या बढ़कर 1,32,791 हो गई। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक ठीक हुए मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 60,90,786 हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब 76,755 उपचाराधीन मामले हैं।

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पार्टी ने आगामी राज्यों के चुनाव लड़ने का फैसला किया है। … – Latest Tweet by ANI Hindi News

देश की खबरें | दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंचा

नयी दिल्ली, 31 जुलाई दिल्ली में यमुना का जलस्तर घटना जारी है और शनिवार को यह खतरे के निशान 205.33 मीटर से नीचे दर्ज किया गया। एक दिन पहले ही दिल्ली प्रशासन ने बाढ़ की चेतावनी दी थी और नदी के डूब क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का त्वरित प्रयास शुरू किया था।
आज शाम छह बजे पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 204.92 मीटर था। यह शुक्रवार रात नौ बजे 205.59 मीटर था हालांकि शनिवार सुबह आठ बजे तक यह घटकर 205.01 मीटर आ गया था।
हरियाणा द्वारा शुक्रवार को हथिनीकुंड बैराज से और अधिक पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली पुलिस और पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने राजधानी में यमुना के डूब क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम शुरू किया।
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में 13 नावों को तैनात किया और 21 अन्य को तैयार स्थिति में रखा।
यमुना का जलस्तर जब 204.50 मीटर के “चेतावनी के निशान” को पार करता है तो बाढ़ की चेतावनी घोषित की जाती है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने की दर इस साल मंगलवार दोपहर को सबसे ज्यादा 1.60 लाख क्यूसेक रही। बैराज से छोड़े गए पानी को राजधानी पहुंचने में आमतौर पर दो से तीन दिन लगते हैं।
हरियाणा यमुनानगर स्थित बैराज से शुक्रवार रात आठ बजे 37,109 क्यूसेक की दर से पानी छोड़ा गया था और शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात एक बजे यह बढ़कर 45,180 क्यूसेक हो गया, जिससे जलस्तर 205.44 पर पहुंच गया। शनिवार शाम चार बजे 29172 क्यूसेक की दर से पानी छोड़ा गया।
सामान्य तौर पर, हथिनीकुंड बैराज में प्रवाह दर 352 क्यूसेक होती है, लेकिन जलग्रहण वाले क्षेत्रों में भारी वर्षा के बाद प्रवाह बढ़ गया। एक क्यूसेक 28.32 लीटर प्रतिसेकेंड के बराबर होता है।
वर्ष 2019 में 18-19 अगस्त को प्रवाह दर 8.28 लाख क्यूसेक तक पहुंच गई थी और यमुना का जलस्तर 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार करते हुए 206.60 मीटर के निशान पर पहुंच गया था।

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जरुरी जानकारी | रिलेक्सो फुटवियर्स के पहली तिमाही का शुद्ध मुनाफा 27.8 प्रतिशत बढ़कर 30.96 करोड़ रुपये

नयी दिल्ली, 31 जुलाई रिलेक्सो फुटवियर्स लिमिटेड ने शनिवार को बताया कि जून 2021 में समाप्त तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा 27.83 प्रतिशत बढ़कर 30.96 करोड़ रुपये हो गया।
रिलेक्सो फुटवियर्स ने एक नियामकीय सूचना में बताया कि पिछले वित्तवर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में उसे 24.22 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान कंपनी को परिचालन से होने वाली आय 36.73 प्रतिशत बढ़कर 497.13 करोड़ रुपये हो गयी, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 363.58 करोड़ रुपये थी।
रिलैक्सो फुटवियर्स का कुल खर्च अप्रैल-जून 2020 की तुलना में 36.67 प्रतिशत बढ़कर 462.15 करोड़ रुपये हो गया।
रिलेक्सो फुटवियर्स के प्रबंध निदेशक रमेश कुमार दुआ ने परिणामों पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘अप्रैल और मई के महीनों के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीयकृत लॉकडाउन के कारण गंभीर व्यवधान थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सभी चुनौतियों के बावजूद हम अपने ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण, बाजार हिस्सेदारी और गुणवत्ता सुधार पर निरंतर ध्यान देने के कारण एक और जुझारु तिमाही परिणाम देने में कामयाब रहे, हालांकि, हम कच्चे माल की कीमतों में बढ़त की प्रवृत्ति को लेकर सतर्क हैं।’’

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