Happy Gujarat Day 2021 HD Images: हैप्पी गुजरात डे! दोस्तों-रिश्तेदारों को भेजें ये आकर्षक WhatsApp Stickers, Facebook Greetings, GIF Wishes और Wallpapers

Happy Gujarat Day 2021 HD Images: आज (1 मई 2021) गुजरात वासियों के लिए बेहद खास दिन है, क्योंकि आज गुजरात स्थापना दिवस (Gujarat Formation Day) मनाया जा रहा है. इस साल गुजरात राज्य अपनी स्थापना की 61वीं वर्षगांठ मना रहा है. वैसे तो हर साल गुजरात दिवस (Gujarat Day) पर कई सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, लेकिन कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) की दूसरी लहर के कारण इस उत्सव को बेहद सादगी से मनाया जा रहा है. ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नजरिए से महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले गुजरात की स्थापना 1 मई 1960 को की गई थी. दरअसल, भारत की आजादी के समय तक यह राज्य बंबई प्रेसीडेंसी का अभिन्न अंग हुआ करता था, लेकिन आजादी के बाद से ही भाषा के आधार पर अलग-अलग राज्य की मांग तेजी से उठने लगी, जिसके बाद 1 मई 1960 को भाषा के आधार पर बंबई प्रेसीडेंसी से विभाजित करके महाराष्ट्र और गुजरात राज्य का गठन किया गया.

हर साल 1 मई को गुजरात राज्य अपनी स्थापना दिवस का जश्न बहुत धूमधाम से मनाता है. तमाम गुजराती भाषियों के लिए यह दिन बेहद मायने रखता है, इसलिए इसका जश्न मनाने के लिए लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं. आप भी गुजरात दिवस पर अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को इन आकर्षक एचडी इमेजेस, वॉट्सऐप स्टिकर्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स, जीआईएफ विशेज और वॉलपेपर्स के जरिए हैप्पी गुजरात डे कह सकते हैं.

1- हैप्पी गुजरात दिवस 2021

गुजरात दिवस 2021 (Photo Credits: File Image)

2- हैप्पी गुजरात दिवस 2021

गुजरात दिवस 2021 (Photo Credits: File Image)

3- हैप्पी गुजरात दिवस 2021

गुजरात दिवस 2021 (Photo Credits: File Image)

4- हैप्पी गुजरात दिवस 2021

गुजरात दिवस 2021 (Photo Credits: File Image)

5- हैप्पी गुजरात दिवस 2021

गुजरात दिवस 2021 (Photo Credits: File Image)

बता दें कि साल 1960 में एक तरफ जहां अलग गुजरात राज्य की मांग को लेकर गुजराती भाषी लोगों ने महा गुजरात आंदोलन चलाया तो वहीं मराठी भाषियों ने अपने लिए अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन किया. भाषा के आधार पर अलग-अलग राज्य की मांग उठने के बाद 1 मई 1960 को तत्कालीन नेहरू सरकार ने बंबई प्रेसीडेंसी के तहत आने वाले इन दोनों प्रदेशों को दो राज्यों में विभाजित करते हुए महाराष्ट्र और गुजरात राज्य की स्थापना की.

क्या है शनि की साढ़ेसाती? इसकी पीड़ा शांत करने के लिए करें ये उपाय!

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि (Shani) एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक़ रहते हैं. चूंकि एक घर में इतने समय तक रहने वाले शनि अकेले ग्रह हैं, इसलिए उन्हें मंदगामी ग्रह भी कहते हैं. उनका प्रभाव एक राशि पहले से और एक राशि बाद तक पड़ता है. यही स्थिति शनि की साढ़े साती (Shani ki Sade Sati) कहलाती है. जब गोचर में शनि किसी राशि से चतुर्थ एवं अष्टम भाव में होता है तो उसे अढैया कहते हैं. अगर शनि तृतीय, षष्ठम् एवं एकादश भाव में हों तो साढ़े साती और अढ़ैया करिश्माई परिणाम की साक्षी बनती हैं. यह योग जीवन को नये आकाश की ऊंचाई प्रदान करता है, पर अन्य को शुभ परिणाम नहीं मिलते. अगर शनि अष्टम एवं द्वाद्वश भाव में होते हैं तो अपार कष्ट मिलता है. साढ़े साती साढ़े सात साल तक और अढ़ैया ढाई साल तक चलती है. यह भी पढ़ें- Tips to Get Blessings of Shani Dev: शनिदेव की कुदृष्टि से कैसे बचें? इन ज्योतिषीय उपायों में छुपा है इसका समाधान.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति के जीवन में साढ़े साती हर 30 साल में एक बार अवश्य आती है. शनि की महादशा 19 साल की होती है. ज्योतिषियों के अनुसार शनि की साढे साती से पूरी तरह से मुक्ति तो नहीं मिलती मगर निम्न उपाय को अमल में लाने से साढ़े साती की पीड़ा को कम अवश्य किया जा सकता है.

* शनिवार के दिन नीलम धारण करने से शनि के प्रकोप से राहत मिलती है.

* शनिवार के दिन पूजा करते समय शनि दोष शांत यंत्र की भी पूजा करने से लाभ प्राप्त होता है.

* शनि की साढ़े साती के प्रभाव को कम करने के लिए प्रत्येक शनिवार को भोजन शुरु करने से पहले 3 रोटी निकालें, एक रोटी गाय को, एक कुत्ते को और एक रोटी कौए को खिलाएं. लाभ होगा.

* सूखे नारियल के गोले के ऊपरी हिस्से को काटकर उसमें मेवा और पीसी हुई शक्कर भरकर ढक्कन बंद कर कलाईनारा से बांध दें. इसे किसी पीपल वृक्ष के जड़ में गड्ढा खोदकर अंदर नारियल को रख दें, ऊपसे मिट्टी पाटकर बिना पीछे देखें वापस आ जायें. ऐसा करने से शनि की साढ़े साती की पीड़ा से शांति मिलती है.

* हनुमानजी का शनिदेव से अच्छे संबंध हैं. साढ़े साती से पीड़ित व्यक्ति अगर मंगलवार और शनिवार के दिन सुंदरकांड, हनुमान चालीसा अथवा बजरंग बाण का पाठ करे, और हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें. तब भी शनि की पीड़ा से शांति मिलती है.

* मान्यता है कि पीपल के वृक्ष पर भगवान शिव के साथ-साथ हर देवताओं का वास माना जाता है. इसलिए अगर शनिवार के दिन स्नान करने के पश्चात सुबह के समय पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करने से भी शनि की साढ़ेसाती में होने वाली पीड़ा से शांति मिलती है.

* साढ़ेसाती से पीड़ित व्यक्ति अगर काले घोड़े के नाल की अंगूठी अथवा नाव के कील की अंगूठी का छल्ला बनाकर शनिवार के दिन मध्यमा उंगली में धारण करे, तो शनि की साढ़े साती का असर कमजोर पड़ता है.

* शनिवार के दिन व्रत रखते हुए किसी गरीब या भिखारी को काली वस्तु दान दिया जाये तो साढ़े साती की पीड़ा कम होती है.

* शनि साढ़े साती के दौरान शनिदेव की प्रसन्नता हेतु शनि स्तोत्र का नियमित पाठ करना भी लाभदायक होता है.

* शनिवार के दिन शनिदेव से संबंधित वस्तुएं लोहे के बर्तन, काला कपड़ा, सरसों का तेल, चमड़े के जूते, काजल, काला चना, काला तिल, काले उड़द की साबूत दाल आदि दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं.

* घर पर शनिवार के दिन नीलम अथवा नीले पत्थर से निर्मित हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करें, और नियमित मूर्ति के सामने बैठकर ‘ऊँ हूम हनुमंतै रुद्रात्मकाय हूं’ मंत्र का 108 बार जाप करें. ऐसा करने से शनि की साढ़े साती पीड़ा तकलीफ नहीं देती.

Happy Maharashtra Day 2021 HD Images: हैप्पी महाराष्ट्र डे! दोस्तों-रिश्तेदारों को भेजें ये आकर्षक WhatsApp Stickers, Wallpapers, GIF Greetings और Photos

Happy Maharashtra Day 2021 HD Images: आज यानी 1 मई 2021 का दिन महाराष्ट्र राज्य के लिए बेहद खास है, क्योंकि राज्य आज महाराष्ट्र डे (Maharashtra Day) यानी महाराष्ट्र स्थापना दिवस (Maharashtra Foundation Day) का जश्न मना रहा है. महाराष्ट्र दिवस के अलावा आज अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (International Workers’ Day), मई दिवस (May Day) और गुजरात दिवस (Gujarat Day) भी मनाया जा रहा है. साल 2021 में महाराष्ट्र राज्य की स्थापना के 61 साल पूरे हो गए हैं. बता दें कि 1 मई 1960 को तत्कालीन नेहरू सरकार ने बॉम्बे प्रदेश को बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम 1960 के तहत दो राज्यों में विभाजित करते हुए महाराष्ट्र और गुजरात राज्य का गठन किया. दोनों राज्यों के गठन के बाद भाषा के आधार पर तत्कालीन बॉम्बे (मुंबई) को महाराष्ट्र की राजधानी बनाया गया. तब से हर साल 1 मई को महाराष्ट्र स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाता है.

महाराष्ट्र में रहने वाले तमाम मराठी भाषियों के लिए महाराष्ट्र स्थापना दिवस किसी उत्सव से कम नहीं है, इसलिए इस दिन लोग एक-दूसरे को बधाई देना बिल्कुल भी नहीं भूलते हैं. महाराष्ट्र के इस खास दिवस पर आप भी अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को इन आकर्षक एचडी इमेजेस, वॉट्सऐप स्टिकर्स, वॉलपेपर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स और फोटोज के जरिए हैप्पी महाराष्ट्र डे विश कर सकते हैं.

 1- हैप्पी महाराष्ट्र डे 2021

महाराष्ट्र दिवस 2021 (Photo Credits: File Image)

 2- हैप्पी महाराष्ट्र डे 2021

महाराष्ट्र दिवस 2021 (Photo Credits: File Image)

 3- हैप्पी महाराष्ट्र डे 2021

महाराष्ट्र दिवस 2021 (Photo Credits: File Image)

 4- हैप्पी महाराष्ट्र डे 2021

महाराष्ट्र दिवस 2021 (Photo Credits: File Image)

 5- हैप्पी महाराष्ट्र डे 2021

महाराष्ट्र दिवस 2021 (Photo Credits: File Image)

इस साल कोरोना वायरस की दूसरी लहर के प्रकोप के चलते महाराष्ट्र दिवस का जश्न भले ही सादगी से मनाया जा रहा है, लेकिन हर साल इस दिवस को धूमधाम से सेलिब्रेट किया जाता है. इस दिन राज्य सरकार मुंबई के शिवाजी पार्क में भव्य परेड का आयोजन करती है. इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री हुतात्मा चौक पर जाकर महाराष्ट्र की स्थापना के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र की संस्कृति, इतिहास और इसकी शौर्य गाथा को बयां करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

Rajasthan Lockdown Extension: राजस्थान सरकार ने पाबंदियों की अवधि को 14 दिन और बढ़ाया, सभी बाजार व प्रतिष्ठान बंद रहेंगे

जयपुर, 1 मई : राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए राज्य में मौजूदा जन अनुशासन पखवाड़े को और सख्त करते हुए इसे 14 दिन और विस्तार दिए जाने का फैसला किया है. इसके तहत अब 17 मई तक अनुमति प्राप्त दुकानों के अलावा सभी कार्यस्थल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान व बाजार बंद रहेंगे. राज्य के गृह विभाग ने शुक्रवार देर रात इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए. इसके अनुसार, राज्य में कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के निर्देशों के बाद गृह विभाग ने तीन मई से 17 मई तक ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा‘ घोषित किया है.

नई गाइडलाइन के अनुसार, सात मई दोपहर 12 बजे से 10 मई प्रातः पांच बजे तक व 14 मई दोपहर 12 बजे से 17 मई प्रातः 5 बजे तक ‘वीकेंड कर्फ्यू’ रहेगा जबकि सोमवार से शुक्रवार प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से अगले दिन प्रातः पांच बजे तक सम्पूर्ण प्रदेश में ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन कर्फ्यू रहेगा. इस कर्फ्यू के दौरान अनुमत श्रेणी के अलावा अन्य कोई व्यक्ति बिना किसी कारण के घूमता हुआ पाया गया तो उसे संस्थागत पृथक-वास में भेज दिया जाएगा. हालांकि, इस दौरान सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, आटा चक्की, पशुचारे से संबंधित थोक व खुदरा दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक ही खुल सकेंगी. यह भी पढ़ें : Gujarat Hospital Fire: भरूच में बड़ा हादसा, कोविड सेंटर में आग लगने से 18 की मौत

किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कृषि आदान विक्रेताओं की दुकानें/परिसर सोमवार व बृहस्पतिवार को इसी अवधि में खुलने की अनुमति होगी. ठेले, साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा एवं मोबाइल वैन के माध्यम से सब्जियों एवं फलों का विक्रय प्रतिदिन प्रातः छह बजे से शाम पांच बजे तक की सीमा में अनुमत होगा. जबकि डेयरी व दूध की दुकानों को प्रतिदिन प्रातः छह से प्रातः 11 व शाम पांच से शाम सात बजे तक खोलने की अनुमति होगी. मिठाई, बेकरी व रेस्त्रां इत्यादि दुकानें नहीं खोली जा सकेंगी. केवल होम डिलीवरी की सुविधा रात्रि आठ बजे तक ही अनुमत होगी. विवाह समारोह में अब 50 की जगह 31 व्यक्ति ही शामिल होंगे और विवाह समारोह केवल एक ही कार्यक्रम के रूप में अधिकतम तीन घंटे तक आयोजित किया जा सकेगा.

निर्दशों में यह भी परामर्श दिया गया है कि ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा‘ के दौरान शादी-समारोह का आयोजन स्थगित कर इन्हें बाद में आयोजित किया जाए ताकि संक्रमण पर रोक लगाई जा सके. वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को हालात की समीक्षा करते हुए कहा कि बढ़ते हुए संक्रमण के इस दौर में अत्यधिक सतर्कता रखने का समय है. मुख्यमंत्री गहलोत ने शुक्रवार रात को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य में ऑक्सीजन, टैंकर, आक्सीजन सांद्रक, रेमडेसिविर, टोसिलीजुमेब दवा सहित अन्य संसाधनों की उपलब्धता को लेकर समीक्षा की. गहलोत ने मुख्य सचिव सहित कोविड प्रबंधन में लगे नोडल अधिकारियों से संसाधनों की उपलब्धता को लेकर जानकारी ली तथा प्रयास और तेज करने के निर्देश दिए.

देश की खबरें | ओडिशा सांकेतिक तौर पर 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण एक मई से शुरू करेगा

भुवनेश्वर, 30 अप्रैल ओडिशा सरकार ने शुक्रवार रात को कहा कि वह केवल भुवनेश्वर में 18-44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के लिए कोविड-19 टीकाकरण का तीसरा चरण एक मई से सांकेतिक तौर पर शुरू करेगी, क्योंकि यह पूरे राज्य में सप्ताहांत बंद का पहला दिन है।
इससे पहले दिन में अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य और परिवार कल्याण) पी के महापात्र ने कहा था कि ओडिशा में एक मई से तीसरे चरण के टीकाकरण की शुरुआत नहीं होगी क्योंकि टीके की कमी है।
बाद में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने ट्वीट कर कहा, ‘‘ कल एक मई से तीसरे चरण का टीकाकरण अभियान केवल सांकेतिक तौर पर शुरू किया जाएगा और सप्ताहांत लॉकडाउन के मद्देनजर कुछ ही लाभार्थियों को टीके की खुराक दी जाएगी।’’
राज्य ने शुक्रवार रात करीब नौ बजे कोवैक्सीन टीके की डेढ़ लाख खुराक प्राप्त होने के बाद एक मई से टीकाकरण शुरू नहीं करने के अपने फैसले में बदलाव किया।
इससे पहले महापात्र ने कहा था, ‘‘हमारे पास शनिवार को तीसरे चरण का टीकाकरण अभियान शुरू करने के लिए आवश्यक टीके नहीं हैं। साथ ही 1 मई और 2 मई को सप्ताहांत बंद के दो दिन हैं। इसलिए, राज्य तीसरे चरण की शुरुआत 1 मई या दो मई से नहीं कर सकता।’’
राज्य में 18-44 वर्ष के आयु वर्ग में अनुमानित 1.93 करोड़ लोग हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

देश की खबरें | अमेरिका से चिकित्सा एवं राहत सामग्री की बड़ी खेप भारत पहुंची

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल कोविड-19 महामारी से जंग में मदद के लिए अमेरिका से भेजी गए बहुप्रतीक्षित सैकड़ों ऑक्सीजन सिलेंडर और रेगुलेटर समेत आपात चिकित्सा एवं राहत सामग्री की खेप लेकर दो विमान शुक्रवार को भारत पहुंचे।
अमेरिकी वायुसेना के सबसे बड़े सामरिक विमानों में से एक सी-5एम सुपर गैलेक्सी चिकित्सकीय उपकरण एवं अन्य राहत सामग्री लेकर दिल्ली पहुंचा।
अमेरिकी दूतावास ने ट्वीट किया, ‘‘अमेरिका से आपात कोविड-19 राहत सामग्री की पहली खेप भारत पहुंच गयी है। 70 साल से अधिक के सहयोग को मजबूती मिली। अमेरिका भारत के साथ खड़ा है। हमलोग मिलकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।’’
अमेरिका से बड़ी संख्या में चिकित्सा उपकरणों और अन्य सामग्री को लेकर आ रहा एक अन्य विमान सी-17 ग्लोबमास्टर भी शुक्रवार रात भारत पहुंच गया।
अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा आपूर्ति में रेगुलेटर समेत 423 ऑक्सीजन सिलेंडर, 210 पल्स ऑक्सीमीटर, 17 बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर, 8,84,000 रेपिड जांच किट और 84,000 एन-95 मास्क शामिल हैं।
चिकित्सा आपूर्ति की खेप पहुंचने के कुछ ही घंटे बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को अपने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन से फोन पर बात की जो कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से प्रभावी तौर पर निपटने के लिये भारत के लिये जरूरी चिकित्सा आपूर्तियों पर केंद्रित थी।
जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि ब्लिंकन के साथ उनकी बातचीत मुख्य रूप से कोविड-19 चुनौती से “ज्यादा प्रभावी” तौर पर निपटने के लिये भारत की जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित थी।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “अमेरिका से उपकरणों और सामग्री की आपूर्ति की समीक्षा की। ऑक्सीजन आपूर्ति को मजबूत करने, टीका उत्पादन को विस्तार देने और रेमडेसिवीर की आपूर्ति को बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया ।
उधर, ब्लिंकन ने भी ट्वीट कर कहा कि उन्होंने जयशंकर के साथ वार्ता के दौरान भारत में कोविड-19 राहत प्रयासों के दौरान अमेरिकी सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस बीच, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर बताया कि भारत और अमेरिका के बीच स्वास्थ्य सहयोग से वैश्विक महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक महत्व की रणनीतिक साझेदारी। हमारे स्वास्थ्य सहयोग से वैश्विक महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने में मदद मिल सकती है। अमेरिका से रेगुलेटर के साथ 423 ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य चिकित्सा उपकरणों के उपहार की बहुत सराहना करता हूं।’’
भारत कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से जंग लड़ रहा है ऐसे में दुनिया के कई देशों ने स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा एवं राहत सामग्री भेजने की घोषणा की है।
अधिकारियों ने बताया कि कई अन्य देशों ने भी भारत को चिकित्सा आपूर्ति भेजी हैं। ब्रिटेन ने 280 ऑक्सीजन सांद्रक और 40 वेंटिलेटर भेजे हैं जबकि आयरलैंड की तरफ से 700 ऑक्सीजन सांद्रक और 365 वेंटिलेटर प्राप्त हुए हैं। इसी तरह रोमानिया ने भी 80 ऑक्सीजन सांद्रक, 75 ऑक्सीजन सिलेंडर समेत अन्य उपकरण भेजे हैं।
भारत को मदद भेजने वाले अग्रणी देशों में रूस, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, बेल्जियम, रोमानिया, लक्जमबर्ग, सिंगापुर, पुर्तगाल, स्वीडन, न्यूजीलैंड, कुवैत और मॉरिशस शामिल हैं।
रूस ने बृहस्पतिवार को मुख्य रूप से ऑक्सीजन सांद्रक वाले 20 टन चिकित्सकीय ऑक्सीजन, वेंटीलेटर और चिकित्सकीय सामग्री की भारत को आपूर्ति की।
बागची ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे गर्मजोशी भरे एवं मित्रवत संबंध को एक बार फिर आगे बढ़ाते हुए यूरोपीय संघ के सहयोगी रोमानिया का 80 ऑक्सीजन सांद्रक एवं 75 ऑक्सीजन सिलेंडर की खेप भेजकर हमारी मदद करने के लिए शुक्रिया।’’
वहीं, यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने कहा है कि इटली, फ्रांस और ऑस्ट्रिया की तरफ से भी भारत को चिकित्सा सामग्री एवं उपकरण भेजे जा रहे हैं।

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देश की खबरें | झारखंड में कोविड-19 के 5961 नये मामले, 145 और मरीजों की मौत

रांची, 30 अप्रैल झारखंड में पिछले चौबीस घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण से 145 और मरीजों की मौत हो जाने से राज्य में संक्रमण से जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 2540 हो गई। वहीं कोविड-19 के 5961 नये मामले सामने आने से राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 227450 हो गयी। यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग की शुक्रवार को जारी एक बुलेटिन से मिली।
स्वास्थ्य विभाग की बुलेटिन के अनुसार राज्य में पिछले 24 घंटे में 145 और संक्रमितों की मौत हो गयी जिन्हें मिलाकर राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 2540 हो गयी। इसके अनुसार राज्य में पिछले चौबीस घंटे में कोविड-19 के 5961 नये मामले दर्ज किये गये जिन्हें मिलाकर अब राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 227450 हो गयी।
राज्य में 227450 संक्रमितों में से 169033 मरीज अब तक ठीक होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। इसके अलावा 55877 अन्य संक्रमितों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है जबकि 2540 अन्य की मौत हो चुकी है।
बुलेटिन के अनुसार पिछले चौबीस घंटे में राज्य में कुल 36291 नमूनों की जांच की गयी जिनमें से 5961 संक्रमित पाये गये।
पिछले चौबीस घंटे में जहां रांची में कोविड-19 के 1539 नये मामले सामने आये, वहीं पूर्वी सिंहभूम में 890, हजारीबाग में 413 एवं बोकारो में 320 लोग इस वायरस से संक्रमित पाये गये।
इसी प्रकार अकेले राजधानी रांची में संक्रमण से 59 लोगों की मौत हो गयी। रामगढ़ में संक्रमण से 13, धनबाद में 11 एवं हजारीबाग में 08 लोगों की मौत पिछले चौबीस घंटे में हो गयी।

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देश की खबरें | बिहार में कोरोना वायरस से 80 की मौत, 15853 नए मामले सामने आए

पटना, 30 अप्रैल बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान मुख्य सचिव समेत 80 और लोगों की मौत हो गयी जिसके बाद प्रदेश में संक्रमण से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 2560 हो गयी । प्रदेश में अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढकर 470317 हो गयी ।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह की कोरोना संक्रमण से हुई मौत पर शोक और गहरी संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वरिष्ठ पत्रकार सुकांत नागार्जुन तथा रोहित सरदाना की कोरोना संक्रमण से हुई मौत पर भी शोक जताया
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण से 80 मरीजों की मौत हो गयी जबकि बृहस्पतिवार अपराहन चार बजे से शुक्रवार चार बजे तक कोरोना वायरस संक्रमण के 15853 नए मामले प्रकाश में आए ।
पिछले साल कोरोना महामारी की शुरूआत होने से लेकर अब तक बिहार में संक्रमितों की संख्या 470317 पर पहुंच गयी है। इनमें से 362356 मरीज संक्रमण मुक्त हुये हैं ।
बिहार में शुक्रवार को 45 वर्ष से उपर के 74614 लोगों ने कोविड 19 का टीका लिया और प्रदेश में अबतक 7153900 लोग टीका ले चुके हैं ।
अनवर

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देश की खबरें | राजस्थान में 18 से 44 साल उम्र के लोगों का टीकाकरण शनिवार से

जयपुर, 30 अप्रैल राजस्थान में कोरोना वायरस प्रतिरक्षण टीकाकरण का नया चरण शनिवार से शुरू होगा जिसमें 18 से 44 आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण होगा।
राज्य के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ने शुक्रवार देर शाम 5.44 लाख टीके देने की सहमति दे दी।
शर्मा ने बताया कि कंपनी ने पहले राजस्थान सरकार को तीन लाख खुराक देने की सहमति दी थी। उन्होंने कहा कि इसी के मद्देनजर शनिवार से राज्य 35 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को टीका लगाने का काम शुरू किया जाना था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर शाम कंपनी ने 5.44 लाख टीके इसी माह और मिलने की जानकारी दी है।
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि राज्य के 18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के सभी लोगों का टीकाकरण किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से पर्याप्त संख्या में टीके उपलब्ध कराने की मांग लगातार की जा रही है। गौरतलब है कि प्रदेश में 18 -44 वर्ष आयु वाले लोगों की संख्या 3. 25 करोड़ है।
डॉ शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमितों की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण राज्य को एक मई से 15 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन प्रतिदिन चाहिए जबकि केन्द्र सरकार की ओर से जो आवंटन किया जा रहा है वह बेहद कम है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में राजस्थान को 67 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन का आवंटन किया गया था लेकिन प्रदेश को केवल 40 हजार इंजेक्शन ही उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य में अस्पतालों या कोविड केयर सेंटर में पर्याप्त संख्या में बिस्तर उपलब्ध हैं लेकिन आक्सीजन और रेमडेसिविर का आवंटन केन्द्र सरकार के हाथ में होने के कारण चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

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देश की खबरें | महाराष्ट्र में पाबंदियां नहीं लगाये जाने पर उपचाराधीन रोगियों की संख्या 9-10 लाख पहुंच जाती: ठाकरे

मुंबई, 30 अप्रैल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने अगर लॉकडाउन जैसी पाबंदियां नहीं लगाई होतीं तो राज्य में कोरोना वायरस के उपचाराधीन रोगियों की संख्या नौ से दस लाख तक पहुंच जाती।
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पूर्ण लॉकडाउन की जरूरत हो लेकिन ‘‘मुझे नहीं लगता कि वैसी स्थिति उत्पन्न होगी।’’
महाराष्ट्र स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर टेलीविजन पर दिए संबोधन में उन्होंने कहा कि नवीनतम पाबंदियों से कोरोना वायरस के मामलों पर रोक लगाने में मदद मिली और उपचाराधीन मरीजों की संख्या करीब 6.5 लाख बनी हुई है।
ठाकरे ने कहा कि राज्य सरकार 18 से 44 वर्ष तक के लोगों के टीकाकरण के लिए जरूरी 12 करोड़ टीके की खुराक खरीदने के लिए एक बार में चेक से भुगतान करेगी।
उन्होंने कहा कि इस श्रेणी में लोगों का टीकाकरण शनिवार से खुराक की उपलब्धता के मुताबिक होगा और राज्य को शुक्रवार को तीन लाख खुराकें मिली हैं।
इस बीच, ठाकरे ने कोविड-19 टीकाकरण के पंजीकरण के वास्ते हर राज्य को अपना ऐप विकसित करने की अनुमति दिए जाने की मांग भी की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोगों को कोविड-19 टीकाकरण के लिए केंद्र के कोविन ऐप पर पंजीकरण कराना पड़ता है।
ठाकरे ने कहा, ‘‘पंजीकरण के लिए सभी राज्यों को अपना ऐप विकसित करने की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए। राज्य के ऐप को केंद्र के कोविन ऐप से भी जोड़ा जा सकता है। इससे पंजीकरण की प्रक्रिया में आसानी होगी और टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ एकत्र होने से रोका जा सकेगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मांग के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है।

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