वेब सीरीज मिर्जापुर 2 से एक्ट्रेस श्वेता त्रिपाठी का लुक आया सामने, जीरो मेकअप में आई नजर

अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी (Shweta Tripathi) ने बहुप्रतीक्षित वेब सीरीज ‘मिर्जापुर 2’ (Mirzapur 2) में अपने नए लुक से लोगों का दिल जीत लिया है. अब उन्होंने इस बात का खुलासा किया है कि अपने इस ‘जीरो मेकअप लुक’ के चलते उन्हें आखिर क्या कुछ करना पड़ा. सीरीज में श्वेता अपने गोलू के किरदार को दोहरा रही हैं. इसकी एक हालिया तस्वीर में वह किसी पर बंदूक ताने हुए और छोटे बालों में नजर आ रही हैं. श्वेता ने कहा, “इस शो के लिए मेरा ‘जीरो मेकअप लुक’ है. मैं बस चेहरे पर सनस्क्रीन लगाकर शूट पर चली जाती थी.” जीरो मेकअप लुक यानी बगैर मेकअप के.

उन्होंने आगे बताया, “‘मिर्जापुर’ कुछ महीनों की एक कड़ी प्रतिबद्धता थी. पहले पहल हमने शॉर्ट हेयर लुक के बारे में खूब चर्चा की, फिर मैंने बालों को काटने का सोचा, इसके बाद यह भी ख्याल आया कि चूंकि इस सीरीज पर काम एक लंबे समय तक के लिए चलना है, तो मेरी अन्य परियोजनाओं पर मेरा यह लुक सटीक नहीं बैठेगा. मैंने विग पहनने का आईडिया भी ठुकरा दिया, क्योंकि बनारस में धूप में शूटिंग करनी थी, तो कुल मिलाकर हमने इस पर काफी गहराई से सोचा, लेकिन फिर मुझे गुरु (निर्देशक) ने बाल कटवाने की सलाह दी.”

श्वेता उन कलाकारों में से हैं, जो अपने निर्देशक पर आंख मूंदकर भरोसा करती हैं. अपने निर्देशक की बात को मानते हुए और किरदार को ध्यान में रखते हुए श्वेता आखिकार इस शॉर्ट हेयर लुक के लिए पूरी तरह से तैयार हो गईं, जिसे अब दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं.

Nirbhaya Gangrape Case: एक बार फिर टली निर्भया के दोषियों की फांसी, डेथ वारंट पर अगले आदेश तक रोक, पीड़िता की मां बोली- जारी रखूंगी लड़ाई

नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Gangrape Case) के चारों दोषियों (Convicts) को कल यानी 1 फरवरी को फांसी के फंदे लटकाया जाना था, लेकिन अब एक बार फिर निर्भया के गुनहगारों की फांसी टल गई है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने अगले आदेश तक दोषियों की फांसी पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक दोषियों की डेथ वारंट (Death Warrant) पर रोक लगा दी गई है. बता दें कि ऐसा दूसरी बार हुआ है जब दोषियों की फांसी टली है. इससे पहले भी निर्भया के गुनहगारों को 22 जनवरी की सुबह 7 बजे फांसी देने की तारीख तय की गई थी, फिर कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी करते हुए उन्हें फांसी देने के लिए 1 फरवरी की तारीख मुकर्रर की, लेकिन एक बार फिर से उनकी फांसी पर अगले आदेश तक रोक लग गई है.

एक बार फिर टली निर्भया के दोषियों की फांसी-

वहीं दूसरी बार दोषियों की फांसी टल जाने पर निर्भया की मां ने अपनी नाराजगी जाहिर की है. आशा देवी ने कहा कि दोषियों के वकील एपी सिंह ने मुझे चुनौती देते हुए कहा है कि दोषियों को कभी भी फांसी नहीं दी जाएगी. मैं अपनी लड़ाई जारी रखूंगी. सरकार को दोषियों को फांसी देनी होगी.

मैं अपनी लड़ाई रखूंगी जारी- आशा देवी


दरअसल, फांसी से बचने के लिए निर्भया के गुनहगार हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट में दोषी पवन के वकील ने याचिका दायर की थी कि अपराध के समय पवन नाबालिग था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए पवन को नाबालिग मानने से इनकार कर दिया. जबकि पटियाला हाउस कोर्ट में गुरुवार को दोषी विनय की ओर से दाखिल याचिका में राष्ट्रपति कोविंद के पास दया याचिका लंबित होने के आधार पर फांसी पर रोक लगाने की अपील की गई थी. यह भी पढ़ें: Nirbhaya Gangrape Case: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की दोषी पवन की याचिका, नाबालिग मानने से किया इनकार

दोषियों के वकील का कहना है कि जेल नियम के अनुसार, एक ही जुर्म के लिए दोषियों को अलग-अलग फांसी नहीं दी जा सकती. उन्हें एक साथ फांसी दी जा सकती है, इसलिए दोषियों की याचिकाओं के निपटारे तक डेथ वारंट पर रोक लगाई जानी चाहिए. दोषी पवन की याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि विनय की दया याचिका के निपटारे तक इंतजार करना होगा. दोषियों की फांसी टल जाने के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि राष्ट्रपति के पास लंबित दया याचिका पर आज कोई फैसला लिया जा सकता है.

Budget 2020: कारोबारियों को बजट से बड़ी उम्मीदें, इन बातों पर रहेगा जोर

Budget 2020: संसद का बजट सत्र 2020 शुक्रवार से शुरू हो गया है. शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश करेंगी. इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण में साल 2020-21 के दौरान जीडीपी ग्रोथ 6 से 6.5 रहने का अनुमान जताया गया है. इकोनॉमिक सर्वे में आगामी वित्तीय वर्ष में हालात चुनौतीपूर्ण बने रहने की संभावना जताई है. इस बजट से लोगों को काफी उम्मीद है. मोदी सरकार के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती सुस्त अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना है.

बजट सत्र 2020 का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक रहेगा. बजट सत्र का दूसरा चरण 2 मार्च को शुरू होगा. बजट सत्र 3 अप्रैल को खत्म हो जाएगा. बजट को लेकर पूरे देश को मोदी सरकार से बड़ी उम्मीदें हैं. आम जनता से लेकर कारोबारियों की निगाहें बजट पर हैं. 2015 के बाद इस साल बजट शनिवार को आ रहा है. इसलिए शनिवार को शेयर बाजार खुले रहेंगे. आमतौर पर शनिवार को शेयर बाजार बंद रहते हैं.

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इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 28 फरवरी, 2015 को शनिवार के दिन बजट पेश किया था और उस दिन शेयर बाजार खुले रहे थे. अर्थव्यवस्था के साथ शेयर बाजार को भी इस बजट से बहुत अधिक उम्मीदें हैं. इस बार का बजट ऐसे समय में आ रहा है जब देश मंदी से गुजर रहा है.

राजकोषीय घाटा: फिस्कल डेफिसिट को राजकोषीय घाटा कहते हैं. हर बार की तरह इस ही इस बजट में भी राजकोषीय घाटे को लेकर मोदी सरकार की योजना पर सबकी निगाहें होंगी. मोदी सरकार के लिए यह बहुत बड़ी चुनौती है. राजकोषीय घाटा जितना बढ़ेगा, सरकार के लिए फंड जारी करना कठिन होगा. दरअसल आर्थिक सुस्ती को दूर करने के लिए जितनी भी छूटी की घोषणाएं की गईं, उससे सरकारी खजाने को लाखों करोड़ों का नुकसान हुआ है. इसके साथ ही कमाई भी घटी है. ऐसे में सरकार की चुनौती राजकोषीय घाटे को लिमिट में रखना है.

टैक्स: सरकार से उम्मीद है कि इनकम टैक्स रेट में कटौती का ऐलान किया जाए. कॉर्पोरेट टैक्स कट के अलावा सरकार से पर्सनल इनकम टैक्स रेट में कटौती की उम्मीद की जा रही है. हालांकि इस बीच कई जानकारों का यह भी मानना है कि खराब वित्तीय स्थिति के बीच सरकार शायद ही टैक्स की दरों कटौती करे.

एलटीजीसी: निवेशकों की तरफ से मांग की जा रही है कि सरकार एलटीजीसी को इस बजट में खत्म करे. आर्थिक जानकारों का कहना है कि इस टैक्स के खत्म होने से घरेलू निवेश में तेजी आएगी. वर्तमान में किसी शेयर को खरीदने के एक साल के भीतर बेचा जाता है तो उसपर 15 फीसदी का STCG टैक्स लगता है, जबकि अगर एक साल के बाद बेचा जाता है तो उसपर 10 फीसदी का LTCG टैक्स लगता है.

स्टैगफ्लेशन: मौजूदा समय में देश की महंगाई दर ऊंचे स्तर पर है. स्टैगफ्लेशन का मतलब है जब महंगाई दर ज्यादा हो और विकास की रफ्तार लगातार घट रही हो और डिमांड में कमी हो. हालांकि मांग में कमी ही आर्थिक सुस्ती का सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है. दूसरी तिमाही में विकास दर छह सालों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है.

डीडीटी: डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. डीडीटी अभी 15 पर्सेंट हैं और इस पर सरचार्ज साथ में एजुकेशन सेस अलग से लगता है. इस तरह कुल मिलाकर कंपनियों को डिविडेंड जारी करने पर 20 पर्सेंट टैक्स देना पड़ता है. जानकारों का मानना है कि डीडीटी खत्म करने से शेयर बाजार तो मजबूत होगा ही साथ ही कंपनियों के हाथ में निवेश करने के लिए ज्यादा रकम रहेगी.

7th Pay Commission: बजट 2020 में सरकारी कर्मचारियों को मिल सकती है ये सौगात, बड़े ऐलान की उम्मीद

7th Pay Commission: मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का दूसरा आम बजट (Budget 2020) शनिवार (1 फरवरी) को पेश करने वाली है. केंद्रीय बजट 2020 में सातवें वेतन आयोग (7th CPC) की सिफारिश के तहत सरकारी कर्मचारियों को कुछ अच्छी खबर मिल सकती है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) बजट सत्र (Budget Session) के दौरान केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए कुछ खुशखबरी की घोषणा कर सकती हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि मोदी सरकार 7वीं सीपीसी के तहत न्यूनतम वेतन में वृद्धि का ऐलान कर सकटी है, इसके साथ ही कर्मचारियों के फिटमेंट फैक्टर को भी संशोधित करने की संभावना है. केंद्र सरकार के कर्मचारी लंबे समय से अपने न्यूनतम वेतन को 18 हजार रुपये से 26 हजार रुपये करने की मांग कर रहे है. 7th Pay Commission: मोदी कैबिनेट अगली बैठक में दे सकती है ये खुशखबरी, लाखों सरकारी कर्मचारियों की बढ़ जाएगी सैलरी

इसके अलावा, भारतीय रेलवे में तैनात सरकारी कर्मचारियों को भी आम बजट से काफी कुछ उम्मीदें है. बताया जा रहा है कि मोदी सरकार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत कर्मचारियों के आश्रित माता-पिता को चिकित्सा और विशेषाधिकार पास सुविधा प्रदान करने की घोषणा कर सकती है. 7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों को इसलिए दिया जाता है महंगाई भत्ता, हजारों करोड़ों रुपये का लगता है बजट

हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए मंहगाई भत्ते (Dearness Allowance) की बढ़ोतरी की घोषणा भी हो सकती है. अगर ऐसा हुआ तो 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा. हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टी नहीं हो सकती है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि वर्तमान महंगाई की दर के हिसाब से डीए में चार फीसदी की बढ़ोतरी की जा सकती है.

उल्लेखनीय है कि मोदी सरकार ने केंद्र की सत्ता में वापसी के बाद सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया था. जबकि केंद्रीय कर्मचारियों को इसका फायदा 1 जनवरी 2016 से मिल रहा है. हालांकि 7वें सीपीसी के तहत भत्तों पर समिति (सीओए) की रिपोर्ट और ई-सीओएस की सिफारिशों के अनुसार जून 2017 में 34 भत्तों में संशोधन किए गए थे.

JKBOSE 10th Result 2019 Declared: कारगिल डिवीजन के लिए 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी, jkbose.ac.in पर ऐसे करें चेक

JKBOSE 10th Result 2019 Declared: जम्मू और कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (Jammu and Kashmir State Board of School Education- JKBOSE) ने कारगिल डिवीजन (Kargil Division) के लिए 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम 2019 (JKBOSE 10th Result 2019) जारी कर दिया है. बोर्ड ने रिजल्ट अपने आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया है. रिजल्ट जारी होते ही कारगिल डिवीजन के लिए कक्षा 10वीं की परीक्षा 2019 में शामिल सभी छात्रों का इंतजार भी खत्म हो गया है. परीक्षा में शामिल होने वाले रेग्युलर (Regular) और प्राइवेट छात्र (Private Student) जेकेबोस (JKBOSE) की आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) jkbose.ac.in पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं.

कारगिल डिवीजन के लिए JKBOSE कक्षा 10वीं के नतीजे बोर्ड के आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है और छात्र आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपने मार्क्स देख सकते हैं और रिजल्ट को डाउनलोड भी कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: JKBOSE 10th Result 2019-20: जम्मू डिवीजन का 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी, jkbose.ac.in पर ऐसे देखें मार्क्स

jkbose.ac.in पर ऐसे देखें रिजल्ट

स्टेप 1- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jkbose.ac.in पर जाएं.
स्टेप 2- होमपेज पर Annual 10th Class Kargil Division Results लिंक पर क्लिक करें.
स्टेप 3- अब नया पेज खुलते ही रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें.
स्टेप 4- अपना रोल नंबर दर्ज करके रिजल्ट ऑप्शन पर क्लिक करें.
स्टेप 5- अब आपकी स्क्रीन पर जेकेबीओएसई 10वीं परिणाम दिखने लगेगा.
स्टेप 6- अपना रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए इसका प्रिंटआउट लें. यह भी पढ़ें: JKBOSE 12th Result 2019 Declared: कश्मीर डिवीजन के बारहवीं कक्षा के रिजल्ट घोषित, आधिकारिक वेबसाइट jkbose.ac.in पर ऐसे करें चेक

गौरतलब है कि जम्मू और कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (जेकेबोस) माध्यमिक (कक्षा 10वीं) और उच्च माध्यमिक (कक्षा 11वीं और 12वीं) के लिए परीक्षाएं आयोजित करता है. परीक्षाओं का आयोजन करने के साथ-साथ बोर्ड रिजल्ट तैयार करता है और उसे जारी भी करता है. इसके साथ ही छात्रों को डिप्लोमा और सर्टिफिकेट भी प्रदान करता है.

Ratha Saptami Rangoli Designs 2020: रथ सप्तमी के शुभ अवसर पर अपने घर के बाहर बनाएं ये आकर्षक रंगोली

Ratha Saptami Rangoli Designs 2020: रथ सप्तमी (Ratha Saptami) सबसे महत्वपूर्ण और धार्मिक त्योहारों में से एक माना जाता है जो पूरे भारत में मनाया जाता है. इस त्योहार को ‘माघ सप्तमी,’ माघ जयंती ‘और’ सूर्य जयंती’ के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भक्त संध्या को सूर्यदेव की पूजा करते हैं. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, शुक्ल पक्ष के दौरान माघ महीने में 7वें दिन, अर्थात् सप्तमी तिथि, रथ सप्तमी का उत्सव मनाया जाता है. इस बार यह त्योहार 1 फरवरी को मनाया जा रहा है. रथ सप्तमी का त्योहार भगवान सूर्य की जयंती के रूप में मनाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान सूर्य ने अपनी गर्माहट और चमक से पूरे ब्रह्मांड को रोशन कर दिया था. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह त्योहार जनवरी के मध्य से फरवरी के मध्य की अवधि में आता है. आमतौर पर, रथ सप्तमी के अनुष्ठान वसंत पंचमी त्योहार के दो दिन बाद किए जाते हैं. यह भी पढ़ें: Ratha Saptami 2020: जानें कब है रथ सप्तमी, शुभ मुहूर्त, धार्मिक तथा वैज्ञानिक महत्व

रथ सप्तमी का दिन भगवान सूर्य की अपने रथ पर उत्तरी गोलार्ध की यात्रा को दर्शाता है. यह गर्मियों के आगमन का प्रतीक है और दक्षिणी भारत के क्षेत्रों में जलवायु परिस्थितियों में बदलाव का संकेत देता है. यह किसानों के लिए फसल के मौसम की शुरुआत का भी प्रतीक है. सभी प्रकार के दान-पुण्य कार्य करने के लिए रथ सप्तमी का त्योहार अत्यधिक शुभ होता है. किंवदंतियों के अनुसार, यह माना जाता है कि इस अवसर की पूर्व संध्या पर दान करने से भक्तों को अपने पापों से छुटकारा मिलता है. लंबी उम्र, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है.

इस दिन लोग अपने घर के बाहर चावल के आटे से कोलम और रंगोली बनाते हैं. इस दिन घर के बाहर रंगोली बनाना बहुत ही शुभ माना जाता है. अगर आप भी रथ सप्तमी के दिन अपने घर के बाहर आकर्षक रंगोली बनाना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आसान और आकर्षक रंगोली डिजाइन बना सकते हैं.

आकर्षक रंगोली डिजाइन:

कलरफुल रथ सप्तमी रंगोली, (फोटो क्रेडिट्स : YouTube)

चावल के आटे की रथ सप्तमी रंगोली:

चावल के आटे की रथ सप्तमी रंगोली, (फोटो क्रेडिट्स : YouTube)

चावल के आटे सिम्पल रथ सप्तमी रंगोल:

चावल के आटे सिम्पल रथ सप्तमी रंगोली, (फोटो क्रेडिट्स : YouTube)

चावल के आटे का आकर्षक रथ सप्तमी रंगोली:

चावल के आटे का आकर्षक रथ सप्तमी रंगोली, (फोटो क्रेडिट्स : YouTube)

चावल के आटे की रथ में सूर्य की रथ सप्तमी रंगोली:

चावल के आटे की रथ में सूर्य की रथ सप्तमी रंगोली, (फोटो क्रेडिट्स: YouTube)

भारत में भगवान सूर्य के कई मंदिर बनाए गए हैं, इन सभी स्थानों पर रथ सप्तमी की पूर्व संध्या पर विशाल उत्सव और विशेष समारोह होते हैं. तिरुमाला तिरुपति बालाजी मंदिर, श्री मंगूज मंदिर, मल्लिकार्जुन मंदिर और आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में भी भव्य उत्सव आयोजित किए जाते हैं.

IND vs NZ 4th T20 Match 2020: टीम इंडिया ने एक बार फिर सुपर ओवर में कीवी टीम को दी शिकस्त, सीरीज में बनाई 4-0 की बढ़त

India vs New Zealand 4th T20 Match 2020: भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच शुक्रवार यानि आज वेलिंग्टन (Wellington) के स्कॉय स्टेडियम (Sky Stadium) में खेला गया चौथा T20 मुकाबला भी टाई रहा. मैच टाई होने के बाद इसका निर्णय सुपर ओवर से निकाला गया, जिसमें भारतीय टीम ने मेजबान टीम द्बारा दिए गए 13 रन के लक्ष्य को पांच गेंद में प्राप्त कर लिया. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 4-0 की बढ़त बना ली है. इस सीरीज का पांचवां और आखिरी T20 मुकाबला दो फरवरी को माउंट मॉन्गनुई (Mount Maunganui) में खेला जाएगा.

बता दें कि कीवी कप्तान टिम साउथी ने वेलिंग्टन में आज टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया था. भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 165 रन बनाए थे. टीम के लिए मध्यक्रम के बल्लेबाज मनीष पांडे ने सर्वाधिक नाबाद 50 रन की अर्द्धशतकीय पारी खेली. मनीष पांडे ने इस दौरान 36 गेदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए.

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मनीष पांडे के अलावा भारतीय टीम के लिए संजू सैमसन ने पांच गेंद में एक छक्का की मदद से आठ, विकेटकीपर बल्लेबाज लोकेश राहुल ने 26 गेंद में तीन चौके और दो छक्के की मदद से 39, कप्तान विराट कोहली ने नौ गेंद में दो चौके की मदद से 11, मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने सात गेंद में एक, ऑलराउंडर खिलाड़ी शिवम दुबे ने नौ गेंद में दो चौके की मदद से 12, वॉशिंगटन सुंदर ने तीन गेंद में शून्य, शार्दूल ठाकुर ने 15 गेंद में दो चौके की मदद से 20, युजवेंद्र चहल ने दो गेंद में एक और नवदीप सैनी ने सात गेंद में दो चौके की मदद से नाबाद 11 रन बनाए.

मेजबान टीम न्यूजीलैंड के लिए आज स्पिन गेंदबाज ईश सोढ़ी ने अपने चार ओवर के स्पेल में महज 26 रन खर्च करते हुए सर्वाधिक तीन सफलता प्राप्त की. ईश सोढ़ी के अलावा टीम एक लिए हामिश बेनेटे ने दो और मिशेल सैंटनर, टिम साउथी और स्कॉट कुगलेजिन ने क्रमशः एक-एक सफलता प्राप्त की.

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भारत द्वारा दिए गए 166 रन के लक्ष्य के जवाब में न्यूजीलैंड की टीम भी निर्धारित ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 165 रन ही बना सकी. टीम के लिए इस मुकाबले में सलामी बल्लेबाज कोलिन मुनरो ने 47 गेंद में छह चौके और तीन छक्के की मदद से 64 रन की सर्वाधिक अर्द्धशतकीय पारी खेली. कोलिन मुनरो के अलावा टीम के लिए मार्टिन गुप्टिल ने आठ गेंद में चार, विकेटकीपर बल्लेबाज टिम सेइफर्ट ने 39 गेंद में चार चौके और तीन छक्के की मदद से 57, टॉम ब्रूस ने 0, मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाज रॉस टेलर ने 18 गेंद में दो चौके की मदद से 24, डार्ली मिशेल ने तीन गेंद में एक चौके की मदद से चार, मिशेल सैंटनर ने दो गेंद में दो और स्कॉट कुगलेजिन बिना खाता खोले नाबाद रहे.

भारत के लिए आज तेज गेंदबाज शार्दूल ठाकुर ने अपने चार ओवर के स्पेल में 33 रन खर्च करते हुए सर्वाधिक दो सफलता प्राप्त की. शार्दूल ठाकुर के अलावा जसप्रीत बुमराह और युजवेंद्र चहल ने क्रमशः एक-एक सफलता प्राप्त की. इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने आज न्यूजीलैंड के तीन बल्लेबाजों को रन आउट किया.

Budget 2020: रेल बजट अबकी बार होगा बेहद खास, क्या इस बार मिलेगी नई ट्रेनों की सौगात?

Budget 2020: मोदी सरकार अपने कार्यकाल का दूसरा आम बजट शनिवार को पेश करने वाली है. सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था के मद्देनजर अबकी बार बजट से देश के आम आदमी से लेकर छोटे-बड़े कारोबारियों को बहुत सारी उम्मीदें लगी हैं. कई रिपोर्ट्स के हवाले से पता चला है कि आम बजट 2020-21 रेल यात्रियों की सुख-सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा. पिछली बार की तरह ही इस बार भी किराए में बढ़ोतरी की उम्मीद ना के बराबर है.

आम बजट के साथ पेश होने वाला रेल बजट में सबसे ज्यादा फोकस रेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा. इसके तहत रेलवे का बजट अबकी बार बढाया जा सकता है. पिछले साल सरकार ने वर्ष 2019-20 में रेलवे के लिए 64,587 करोड़ रुपये आवंटित किए थे. इसमें से वर्ष 2019-20 में पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए अवसंरचना आवंटन को 21 प्रतिशत बढ़ाकर 58,166 करोड़ रुपये किया था. इसके साथ ही नई ट्रेनों की घोषणा और ट्रेनों में सुधार भी बजट सूची में शामिल हो सकता है. Economic Survey 2020: वित्त मंत्री ने पेश किया 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनने का रोडमैप, ऐसे हासिल होगा जादुई आंकड़ा

बताया जा रहा है कि स्टेशनों और रेल डिब्बे को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया जा सकता हैं. साथ ही कई आधुनिक ट्रेनों के निर्माण पर भी बजट में फोकस किया जा सकता है. इसके अलावा उत्तर भारत के लिए कई नई ट्रेनों के ऐलान की भी उम्मीद जताई जा रही है.

यह पांचवी बार होगा जब रेल बजट को आम बजट के साथ ही पेश किया जाएगा. मोदी सरकार ने 92 साल पुरानी परंपरा को खत्म कर दिया. इससे पहले रेल बजट को आम बजट से एक दिन पहले पेश किया जाता था. पिछले बजट में रेलवे ने यात्रियों को स्‍वेदश में पहली बार विकसित एवं निर्मित सेमी हाई-स्‍पीड ‘वंदे भारत एक्‍सप्रेस’ की सौगात दी थी. साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय सुझाये गए थे.

डायबिटीज के मरीज सीमित मात्रा में ही करें इन हेल्दी चीजों का सेवन, वरना सेहत को हो सकता है नुकसान

खराब लाइफस्टाइल (Bad Lifestyle) और खान-पान में गड़बड़ी (Eating Habits) के चलते अधिकांश लोग तेजी से डायबिटीज (Diabetes) यानी मधुमेह की गिरफ्त में आ रहे हैं. दुनिया भर में होने वाली बीमारियों में डायबिटीज एक आम बीमारी बन गई है, क्योंकि इससे कम उम्र के लोभ भी तेजी से प्रभावित हो रहे हैं. डायबिटीज को धीमा जहर कहा जाता है, जो धीरे-धीरे कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है और शरीर के सभी अंगों को प्रभावित करता है. हालांकि डायबिटीज को मरीज के ब्लड शुगर (Blood Sugar) के स्तर के आधार पर पहचाना जाता है. इस बीमारी को पूरी तरह से ठीक तो नहीं किया जा सकता है, लेकिन अपने डेली डायट (Daily Diet) में कुछ बदलाव लाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल जरूर किया जा सकता है.

अगर आपके ब्लड में शुगर लेवल का स्तर बढ़ा हुआ है तो ऐसे में उन फलों का इस्तेमाल करना चाहिए जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक हो, इसके साथ ही जंक फूड और ट्रांस फैट वाले फूड से परहेज करके भी इसे नियंत्रित किया जा सकता है. हालांकि कई ऐसी हेल्दी चीजें भी हैं जो सेहत को बहुत फायदा पहुंचाती हैं, लेकिन ये चीजें डायबिटीज के मरीजों को फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती हैं. चलिए जानते हैं ऐसी ही पांच चीजें जो डायबिटीज के मरीजों को फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती हैं.

1- तरबूज

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ है तो आपको तरबूज का सेवन अधिक मात्रा में करने से बचना चाहिए. दरअसल, तरबूज का सेवन अधिक मात्रा में करने पर आपके खून में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है और ब्लड प्रेशर भी हाई हो सकता है. ऐसे में बेहतर यही होगा कि तरबूज का सेवन बहुत ही संतुलित मात्रा में करें. यह भी पढ़ें: World Diabetes Day 2019: डायबिटीज है एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या, इससे बचाव के लिए करें इन 20 नियमों का पालन

2- आलू

आलू एक ऐसी सब्जी है, जिसका इस्तेमाल हर घर में किया जाता है, लेकिन अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आलू का सेवन सोच-समझकर ही करें. आलू में विटामिन सी, पोटैशियम, फाइबर, विटामिन बी, कॉपर, मैंगनीज और ल्यूटिन पाया जाता है, जिसे सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. बावजूद इसके आलू डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदेह है, क्योंकि यह आपके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है.

3- आम

डायबिटीज के मरीजों को ऐसे फलों का सेवन करने से बचना चाहिए, जिनमें शुगर की मात्रा अधिक होती है. हालांकि फलों में प्राकृतिक रूप से शुगर पाया जाता है और इसे सेहत के लिए फायदेमंद भी माना जाता है, लेकिन फलों का राजा कहे जाने वाले आम में प्राकृतिक शुगर की मात्रा अधिक पाई जाती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को आम खाने से बचना चाहिए. अगर आप आम का सेवन जरूरत से ज्यादा करते हैं तो इससे आपके ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है.

4- चीकू

डायबिटीज के मरीजों को फलों का सेवन बहुत सोच-समझकर ही करना चाहिए, क्योंकि कुछ फलों में प्राकृतिक शुगर अधिक मात्रा में पाए जाते हैं जो डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं. ऐसा ही एक फल है चीकू. जी हां, अगर आप चीकू का सेवन अधिक करते हैं तो इसका मीठापन आपके ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है. यह भी पढ़ें: World Diabetes Day 2019: इन लोगों को डायबिटीज का खतरा होता है अधिक, जानें इस बीमारी के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

5- किशमिश

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आपको ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने से बचना चाहिए. खासकर आपको किशमिश नहीं खाना चाहिए. किशमिश डायबिटीज के मरीजों की परेशानी को और बढ़ा सकती है, क्योंकि इसका सेवन करने से आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है.

गौरतलब है कि इन हेल्दी चीजों के अलावा डायबिटीज के मरीजों को फुल फैट मिल्क का सेवन करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इसमें फैट की मात्रा अधिक होती है जो इंसुलिन को बढ़ा सकता है. इसके साथ ही पैक्ड जूस भी पीने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इनमें मौजूद फ्रुक्टोज शुगर लेवल को बढ़ा सकता है.

नोट- इस लेख में दी गई तमाम जानकारियों को केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है. इसकी वास्तविकता, सटीकता और विशिष्ट परिणाम की हम कोई गारंटी नहीं देते हैं. इसमें दी गई जानकारियों को किसी बीमारी के इलाज या चिकित्सा सलाह के लिए प्रतिस्थापित नहीं किया जाना चाहिए. इस लेख में बताए गए टिप्स  पूरी तरह से कारगर होंगे या नहीं इसका हम कोई दावा नहीं करते है, इसलिए किसी भी टिप्स या सुझाव को आजमाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

Nirbhaya Gangrape Case: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की दोषी पवन की याचिका, नाबालिग मानने से किया इनकार

नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Gangrape Case) में दोषी फांसी से बचने की कोई कोशिश नहीं छोड़ रहे हैं. इस बीच पटियाला हाउस कोर्ट में दोषियों के खिलाफ एक फरवरी के लिए जारी डेथ वारंट पर रोक लगाने के लिए दायर की गई अर्जी पर सुनवाई हुई. दोषी पवन के वकील ने याचिका की थी कि अपराध के वक्त पवन नाबालिक था. जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पवन को नाबालिक मानने से इनकार कर दिया है. कोर्ट में शनिवार को सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील ने कहा कि अभी उनके पास कानूनी उपाय उपलब्ध हैं. वहीं वकील ने दिल्ली जेल नियम का हवाला देते हुए कहा कि एक ही जुर्म के दोषियों को फांसी एक साथ ही दी जा सकती है. ऐसे में डेथ वारंट पर रोक लगाई जानी चाहिए. सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल प्रशासन की तरफ से कोर्ट में कहा है कि चाहें तो तय तारीख को बाकी 3 दोषियों को फांसी दी जा सकती है.

दोषी पवन की याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि विनय ने दया याचिका लगाई है, इसलिए हमें याचिका के निपटारे तक इंतजार करना होगा, लेकिन बाकी तीनों को 1 फरवरी को फांसी पर लटकाने में किसी नियम का उल्लंघन नहीं होगा.

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सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका-

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील की दलील पर दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने पवन गुप्ता की जुविनेल्टी से जुड़ी पुनर्विचार याचिका दाखिल की हुई है, जिस पर सुनवाई होनी बाकी है.निर्भया की मां की तरफ से पेश वकील ने दलील दी कि दोषी फांसी से बचने के हथकंडे अपना रहे हैं.

निर्भया की वकील सीमा ने कहा कि सभी दोषियों सालों से लगातार इस मामले को लंबा खींचने की कोशिश कर रहे हैं. जब तक पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में डेथ वारंट जारी नहीं कर दिया इन लोगों में किसी ने कोई याचिका नहीं लगाई.

मामले में गुरुवार को दोषी अक्षय की क्यूरेटिव याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट दोषी विनय और मुकेश की क्यूरेटिव याचिका पहले ही खारिज कर चुका है. याचिका खारिज होने के बाद अब केवल एक दोषी पवन के पास क्यूरेटिव याचिका दाखिल करने का विकल्प है.

16 दिसंबर 2012 का मामला 

निर्भया गैंगरेप केस 16 दिसंबर 2012 का है. सात साल पहले 16 दिसंबर की रात दिल्ली में चलती बस में एक लड़की का बर्बरता से रेप किया गया. गैंगरेप के बाद निर्भया की गंभीर हालत में सड़क पर फेंक दिया गया था. दिल्ली में इलाज के बाद उसे एयरलिफ्ट करके सिंगापुर ले जाया गया था. गैंगरेप के बाद निर्भया 13 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही. जिंदगी से जंग करते-करते 29 दिसंबर को उसने दम तोड़ दिया था. 31 अगस्‍त 2013 को निर्भया के केस में आरोपी कोर्ट में दोषी साबित हुए थे.

इस मामले के 6 दोषियों में से एक नाबालिग था, जिसे सुधार गृह भेजा गया था. एक आरोपी रामसिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगा ली थी. चार अन्य दोषियों- पवन, मुकेश, अक्षय और विनय शर्मा की फांसी के लिए दूसरी बार डेथ वॉरंट जारी हो चुका है. इसमें फांसी की तारीख 1 फरवरी मुकर्रर की गई है. पहले वॉरंट में यह तारीख 22 जनवरी तय की गई थी.