
नयी दिल्ली, छह मार्च प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रतिबंधित ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) के राजनीतिक संगठन ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ (एसडीपीआई) के खिलाफ धन शोधन मामले में जांच के तहत बृहस्पतिवार को देश भर में छापे मारे। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
संघीय जांच एजेंसी द्वारा एसडीपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. के. फैजी को तीन मार्च को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किए जाने के बाद यह छापेमारी की गई। फैजी वर्तमान में ईडी की हिरासत में है।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में निजामुद्दीन पश्चिम में एसडीपीआई मुख्यालय सहित दो स्थानों पर छापेमारी की गई। इसके अलावा, केरल में तिरुवनंतपुरम और मलप्पुरम, आंध्र प्रदेश में नांदयाल, झारखंड में पाकुड़, महाराष्ट्र में ठाणे, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ और जयपुर में छापेमारी की गई।
ईडी ने फैजी (55) की गिरफ्तारी के बाद दावा किया था कि दोनों संगठनों के बीच एक ‘‘संगठित’’ संबंध है और पीएफआई राजनीतिक दल (एसडीपीआई) के माध्यम से अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
पीएफआई के आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उसे एक गैरकानूनी संगठन बताते हुए केंद्र सरकार ने सितंबर, 2022 में उसे प्रतिबंधित कर दिया था। पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने से पहले ईडी, एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) और विभिन्न राज्य पुलिस संगठनों ने मिलकर उसके खिलाफ छापेमारी की थी।
ईडी ने इस सप्ताह की शुरुआत में फैजी की हिरासत का अनुरोध करते हुए अदालत से कहा था कि पीएफआई और एसडीपीआई आपस में ‘‘संगठित रूप से’’ जुड़े हुए हैं और एसडीपीआई कुछ और नहीं बल्कि पीएफआई का ‘‘राजनीतिक मोर्चा’’ है तथा इसे पीएफआई द्वारा ‘‘वित्त पोषित और नियंत्रित’’ किया जाता है।
ईडी ने दावा किया कि उसके पास यह साबित करने के लिए सबूत है कि दोनों संगठनों के बीच ‘‘गहरी’’ साठगांठ हैं क्योंकि उनके काडर दोनों संगठन के सदस्य हैं। एसडीपीआई की स्थापना में पीएफआई पदाधिकारियों की भागीदारी थी और उन्होंने एक-दूसरे की संपत्ति का उपयोग किया गया था।
ईडी ने आरोप लगाया था, ‘‘एसडीपीआई पीएफआई का एक मुखौटा संगठन है, जिसके माध्यम से पीएफआई अपनी राष्ट्र-विरोधी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है जबकि प्रकट तौर पर उसका यही रुख रहता है कि पीएफआई एक सामाजिक कल्याण संगठन है।’’
एसडीपीआई इस तरह के संबंध से इनकार करता है और खुद को एक स्वतंत्र संगठन कहता है।
जांच एजेंसियों के अधिकारियों के अनुसार, संगठन का केरल, कर्नाटक और कुछ अन्य दक्षिणी राज्यों के विभिन्न इलाकों में ‘‘मजबूत’’ प्रभाव है।
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